जगद्गुरु रामभद्राचार्य [स्रोत: ANI] 
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Gyanvapi Case: हिन्दू पक्ष की याचिका ख़ारिज होने पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान, बोले- उच्चतम न्यायालय हमें अद्धभुत निर्णय देगा

ज्ञानवापी मामले में हिन्दू पक्ष द्वारा की गई सर्वे की मांग को कोर्ट द्वारा ख़ारिज किये जाने के बाद इस मामले पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान सामने आया है, कोर्ट के रुख पर उन्होंने कहा कि हम हाई कोर्ट जायेंगे। सुप्रीम कोर्ट जायेंगे, उच्चतम न्यायालय हमें अद्धभुत फैसला देगा।

प्रतीक मिश्रा

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी केस में हिन्दू पक्ष द्वारा पुरे परिसर में खुदाई कर के सर्वेक्षण करवाने की कोर्ट से मांग की गई थी, जिसे अदालत द्वारा ख़ारिज कर दिया गया है। संभवतः याचिका के माध्यम से हिन्दू पक्ष ने मंशा जाहिर की थी कि इस मामले में खुदाई के जरिये सर्वेक्षण होने में पर कई नई जानकारियां सामने आएगी। लेकिन कोर्ट द्वारा इस याचिका को ही ख़ारिज कर दिया गया।

इधर, खुदाई के जरिये सर्वेक्षण करने की याचिका ख़ारिज होने पर पर राम मंदिर केस में गवाह रहे जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान सामने आया है, जिसमे उन्होंने कहा कि हम हाई कोर्ट जायेंगे... सुप्रीम कोर्ट जायेंगे। जगद्गुरु ने निर्णय को लेकर कहा कि उच्चतम न्यायालय हमें अद्धभुत निर्णय देगा।

दरअसल, उत्तरप्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में हिन्दू पक्ष द्वारा खुदाई के जरिए सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका को कोर्ट द्वारा शुक्रवार 25 अक्टूबर को ख़ारिज कर दिया था। जिसके बाद ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में हिन्दू पक्ष के प्रमुख अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि हमारी ओर से दिए गए अतिरिक्त सर्वे के आवेदन को निरस्त कर दिया गया है, अब हम इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खट खटाएंगे।

अधिवक्ता रस्तोगी ने आगे कहा कि हमारी मांग थी कि एसएसआई द्वारा ज्ञानवापी के पूरे परिसर का सर्वे कराया जाए, इस न्यायालय ने माननीय हाई कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया है। क्योंकि हाई कोर्ट ने इस न्यायालय को निर्देशित किया था कि अगर 4 अप्रैल 2021 के अनुसार पूर्व में दाखिल की ASI रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है, तो अतिरिक्त सर्वे मांगने का अधिकार है। इस आदेश का उलंघन्न किया गया है।

मुस्लिम पक्ष में ख़ुशी

कोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष में ख़ुशी है। बताया जा रहा है कि अंजुमन इंतेज़ामिया मसाजिद कमेटी के सचिव मोहम्मद यासीन ने ख़ुशी जाहिर की और इसे न्याय की जीत बताया। गौरतलब है कि हिंदू पक्ष ने कोर्ट में यह दावा किया है कि ज्ञानवापी के मुख्य शिखर के नीचे शिवलिंग स्थित है और इसके सत्यापन के लिए एएसआई से खुदाई व सर्वेक्षण की मांग की है। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि खुदाई से मस्जिद के ढांचे को क्षति पहुंच सकती है। जिसके बाद कोर्ट ने खुदाई के जरिये सर्वेक्षण से इंकार कर दिया।

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