ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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BRICS समिट पर ग्लोबल मीडिया की नजर, PM मोदी की कूटनीति की चर्चा, कहा- मुश्किल समय में भारत की सफल अध्यक्षता

PM Modi BRICS Summit Diplomacy: भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजर रही। अलग-अलग देशों की मीडिया रिपोर्टों में सम्मेलन के दौरान बनी सहमति और भारत की भूमिका चर्चा में रही।

अक्षय साहू

BRICS Summit 2026 India: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को दुनिया भर की मीडिया सफल बता रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कूटनीतिक कौशल और की प्रशंसा हो रही है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया है। देश दुनिया इस पर पैनी नजर बनाए है। भारत ने चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की है। 

जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हासिल की। ​​उन्होंने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष को लेकर मतभेदों के बावजूद, अलग-अलग राय रखने वाले ब्रिक्स सदस्यों को एक कड़े शब्दों वाले संयुक्त बयान पर सहमत कर लिया।

परमाणु सुविधाओं पर हमलों पर चिंता 

रिपोर्ट में बताया गया, नई दिल्ली में शनिवार को शुरू हुए दो दिन के शिखर सम्मेलन में, 10 पूर्ण सदस्यों और सऊदी अरब ने किसी देश का नाम तो नहीं लिया, लेकिन संयम बरतने और ऐसे कामों से बचने की अपील की जिनसे 'हालात और बिगड़ सकते हैं। घोषणापत्र में आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं पर जानबूझकर किए गए हमलों पर भी गहरी चिंता जताई गई।

दो दशकों में समूह ने बनाई अलग पहचान

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने अपनी रिपोर्ट लिखा कि, ब्रिक्स नेताओं की बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने समूह से अपील की कि वे एक महत्वाकांक्षी 20-वर्षीय विजन के साथ आगे बढ़ें और साथ ही अपने फैसलों को लगातार लागू करने के लिए तंत्र बनाएं।

पीएम मोदी ने कहा, आज, ब्रिक्स एक परिपक्व अवस्था में पहुंच गया है। पिछले दो दशकों में, इस समूह ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं और आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ते हैं। हम किसी से टकराव के जरिए नहीं, बल्कि सभी को इस प्रक्रिया में शामिल करके विकास की कोशिश करते हैं। अब समय आ गया है कि ब्रिक्स के भीतर हमारी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदला जाए।

मुश्किल समय में दिल्ली ने की BRICS की अध्यक्षता

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थान 'अल जजीरा' ने रिपोर्ट दी कि ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया, जिसमें मध्य पूर्व में संयम बरतने और वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया गया।

रिपोर्ट में कहा गया, 11-सदस्यीय समूह की अध्यक्षता ऐसे मुश्किल समय में नई दिल्ली को मिली है, जब मध्य पूर्व और यूक्रेन में युद्धों से ऊर्जा और शिपिंग बाधित हो रही है, टैरिफ सदस्यों पर दबाव डाल रहे हैं, और ब्रिक्स देश इन चुनौतियों का सामना करने के तरीकों पर एकमत नहीं हैं। शनिवार के घोषणापत्र में मध्य पूर्व में 'लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता' जताई गई, 'अधिकतम संयम' बरतने की अपील की गई और विशेष रूप से आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं पर जानबूझकर किए जाने वाले हमलों के खिलाफ चेतावनी दी गई।

ब्रिक्स में दिखी बदलते ग्लोबल ऑर्डर की झलक

अमेरिका के प्रमुख अखबारों ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स समिट को बदलते ग्लोबल ऑर्डर की झलक के तौर पर भी देखा, जो तनावपूर्ण गठबंधनों, क्षेत्रीय युद्धों और वाशिंगटन व बीजिंग के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से आकार ले रहा है।  द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक खबर में कहा कि समिट के दौरान मुख्य सवाल यह था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग विकासशील दुनिया की ज्यादा प्रभावशाली आवा बनकर उभरेंगे।

वहीं, 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत और चीन के रिश्तों में अनिश्चितता ने परमाणु हथियार रखने वाले इन दोनों पड़ोसी देशों के लिए तनाव कम करने का मौका पैदा किया है।

-एजेंसी इनपुट के साथ

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