भारत-अमेरिकी सेना का युद्धाभ्यास सोर्स- ANI
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पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’, अल्ट्रा लाइट होवित्जर से LIVE फायरिंग

Yudh Abhyas 2026: भारतीय और अमेरिकी सेनाओं ने महाजन रेंज में M777 होवित्जर के साथ लाइव-फायरिंग ड्रिल की। बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म, सटीकता और युद्ध के लिए तैयारी दिखाई और सभी तय टारगेट नष्ट कर दिया।

नितिन कुमार राय

India-America Yudh Abhyas: भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्धाभ्यास’ चल रहा है। बुधवार को इस सैन्य अभ्यास में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गई। दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ। यहां एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती के बाद लाइव फायरिंग की गई, जिसमें डायरेक्ट फायरिंग मेथड का इस्तेमाल करके सामने दिख रहे टारगेट पर निशाना साधा गया। अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं।

बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म के लिए तैयारी

अल्ट्रा लाइट होवित्जर गन क्रू ने बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म, सटीकता और युद्ध के लिए तैयारी दिखाई और सभी तय टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। फायरिंग के बाद, अमेरिकी दल ने गन की जगहों का दौरा किया और ULH बैटरी के अधिकारियों और जवानों से बातचीत की, जिससे प्रोफेशनल जानकारी और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान हुआ। भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण उत्तराखंड के औली में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी आयोजित किया जा रहा है।

दोनों सेनाओं के बीच व्यवस्था मजबूत करना

इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन व्‍यवस्‍था को मजबूत करना, उभरती चुनौतियों का समाधान करना और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और अधिक बढ़ाना है। इस अभ्यास का लक्ष्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है, जिसमें पैदल सेना के प्रधान अभियानों पर विशेष जोर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इससे अंतर-संचालनीयता मजबूत होगी, सर्वोत्तम परिचालन पद्धतियों का आदान-प्रदान सुगम होगा और संयुक्त योजना और क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।

निगरानी के लिए ड्रोन और स्वायत्त सिस्टम का उपयोग

प्रशिक्षण में निगरानी के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग शामिल है, साथ ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। भारत और अमेरिकी सेनाएं साथ मिलकर युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीक की ताकत परख रही हैं। इस बार की खास बात यह है कि अभ्यास उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाके औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ चल रहा है।   

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