दुबई में भारत का तेजस विमान क्रैश (सोर्स- सोसल मीडिया) 
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दुबई में क्रैश हुआ तेजस...भारत के लिए क्यों है खास? अब तक इतने करोड़ लगा चुकी है सरकार

Tejas Fighter Jet Crash: दुबई एयर शो में एक तेजस Mk1A विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह आधुनिक 4.5‑पीढ़ी का मल्टीरोल जेट है, जिसमें AESA रडार, EW सिस्टम और स्वदेशी सामग्री शामिल है।

अक्षय साहू

Dubai Air Show Tejas Crash: दुबई एयर शो में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान एक भारतीय एचएएल तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:10 बजे यह दुर्घटना हुई, लोकल लोगों ने काले धुएं को देखा लेकिन पायलट के बचने की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। तेजस Mk1A भारतीय वायुसेना का आधुनिक 4.5 जेनेरेशन मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित किया गया है।

तेजस Mk1A में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर हथियार क्षमताएं और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं। यह विमान EL/M-2052 AESA रडार और आगामी Uttam AESA रडार से लैस है, जो 150-160 किलोमीटर तक दुश्मन का पता लगा सकता है। इसमें Sagem SIGMA 95N रिंग लेजर जाइरोस्कोप नॅविगेशन सिस्टम और आधुनिक संचार प्रणाली लगी हुई है। विमान के इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम में रडार वार्निंग रिसीवर, मिसाइल अप्रोच वार्निंग, सेल्फ-प्रोटेक्शन जैमर, कॉउंटरमेजर्स जैसे चैफ एवं फ्लेयर्स शामिल हैं।

स्वदेशी-विदेशी हथियार ले जाने में सक्षम

तेजस Mk1A की गति 1.6 माक (लगभग 2200 किमी/घंटा) तक हो सकती है और इसका कर्तव्य छींकने का छतरी 50,000 फीट (15 किलोमीटर) है। यह लगभग 3,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसका पेलोड क्षमता 5,300 किलो ग्राम तक है और इसमें ब्रह्मोस समेत विभिन्न स्वदेशी व विदेशी हथियार लगाए जा सकते हैं, जिनमें एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल और गाइडेड बम शामिल हैं।

भारत का पहला स्वादेशी विमान 

तेजस Mk1A में 65 प्रतिशत से अधिक उपकरण स्वदेशी हैं, जिससे भारतीय उद्योग को मजबूती मिली है। भारतीय वायुसेना के लिए हाल ही में HAL और रक्षा मंत्रालय ने 97 तेजस Mk1A विमानों के लिए 62,370 करोड़ रुपए का अनुबंध किया है, जिसमें 68 सिंगल-सीटर और 29 ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान शामिल हैं। इसके उत्पादन में अमेरिकी कंपनी GE की सप्लाई की गई GE F404-जीई-इएन20 टर्बोफैन इंजन का भी योगदान है, जो विमान की ताकत और दक्षता बढ़ाता है।

संवेदनशील मिसाइलों से बचने में सक्षम

तेजस Mk1A की डिजाइन में तैलीय, कम्पाउंड डेल्टा विंग शामिल है, जो इसे हल्का, तेज और रडार क्रॉस सेक्शन कम से कम रखने में मदद करता है। इस डिजाइन से विमान को बेहतर मैन्यूवरबिलिटी मिलती है और यह गर्मी संवेदनशील मिसाइलों से बचने में सक्षम होता है। इसके कॉकपिट में नाईट विजन-समर्थित ग्लास कॉकपिट, मल्टीफंक्शन डिस्प्ले, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले और हेड्स-अप डिस्प्ले जैसे आधुनिक उपकरण लगे हैं, जो पायलट की सुविधाओं को बढ़ाते हैं।

इस प्रकार, तेजस Mk1A आधुनिक तकनीक और स्वदेशी उपकरणों से लैस भारत का गर्व है, जो भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह विमान वायुसेना के बल को मजबूत करते हुए सीमावर्ती सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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