चक्रवात अर्नब से तटीय इलाकों में बढ़ा खतरा (सोर्स- सोशल मीडिया)
देश

चक्रवात अर्नब की रफ्तार बढ़ने से तटीय इलाकों में दहशत, 150 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, रेड अलर्ट

Weather Report: आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ गया है। IMD ने भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया। यानम-काकीनाडा क्षेत्र में लैंडफॉल की आशंका है।

अक्षय साहू

Highlights:

  • चक्रवात अर्नब के यानम-काकीनाडा क्षेत्र में लैंडफॉल की आशंका

  • IMD ने भारी बारिश और 150 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया

  • आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हजारों आश्रय स्थल तैयार, बचाव टीमें तैनात

Weather Today: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब का प्रभाव बढ़ने लगा है। जानकारी के मुताबिक, तूफान का लैंडफॉल शुरू होने की स्थिति बन रही है और यह प्रक्रिया काकीनाडा के पास यानम क्षेत्र के आसपास होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को चक्रवात की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया है।

मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और तूफान की गति, दिशा तथा संभावित प्रभाव को लेकर हर घंटे अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें भी की हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित नुकसान को कम करना है।

IMD ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात अर्नब की गति पहले लगाए गए अनुमान से अधिक है। शुरुआत में लैंडफॉल दोपहर तक होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब इसके तड़के 2 बजे से सुबह 4 बजे के बीच यानम-काकीनाडा क्षेत्र के पास पूरा होने का अनुमान है। लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

मौसम विभाग ने बताया कि, चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था। पिछले छह घंटों में यह लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। मंगलवार शाम 5:30 बजे तूफान काकीनाडा से करीब 90 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 170 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और मछलीपट्टनम से 170 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था।

आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

तूफान के आगे बढ़ने से आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है। श्रीकाकुलम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, विशाखापत्तनम और काकीनाडा में तेज हवाओं का असर महसूस किया जाने लगा है।

राहत और बचाव के लिए व्यापक तैयारियां

चक्रवात से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। दोनों राज्यों में लगभग 4,000 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 जिलों में 2,131 आश्रय स्थल तैयार रखे हैं। प्रभावित इलाकों में 1,087 मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा 8,281 आपातकालीन बिस्तरों और 1,274 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। कुल 1,351 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया है

ट्रेनें रद्द, उड़ानों और सड़क यातायात पर असर

चक्रवात के चलते रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। एहतियात के तौर पर कम से कम 50 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इनमें दक्षिण तटीय रेलवे की बुधवार के लिए निर्धारित 24 ट्रेनें, ईस्ट कोस्ट रेलवे की 22 ट्रेनें और दक्षिण पूर्व रेलवे की चार ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने करीब 600 किलोमीटर रेल पटरियों पर निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा, विजयवाड़ा से चेन्नई और बेंगलुरु जाने वाली इंडिगो की दो उड़ानें मंगलवार को रद्द कर दी गईं। 

ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी अलर्ट

ओडिशा में करीब 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। राज्य में 135 स्थायी और लगभग 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। बचाव कार्यों के लिए NDRF, SDRF और अग्निशमन सेवाओं की कुल 294 टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के आठ जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

झारखंड के कई जिलों में स्कूल बंद

वहीं, पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। झारखंड में भी मौसम के संभावित प्रभाव को देखते हुए रांची समेत कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है।

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