DK Shivakumar RSS Prayer Video: कर्नाटक विधानसभा में एक चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरएसएस की प्रार्थना 'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे' गाना शुरू कर दिया। यह घटना तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या यह कांग्रेस आलाकमान को सीधा संदेश है या फिर बीजेपी में जाने का संकेत? इस दौरान बीजेपी विधायकों ने मेज थपथपाकर शिवकुमार का समर्थन किया।
पीएम मोदी ने जब लाल किले से आरएसएस की तारीफ की, तो कांग्रेस नेता और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी उनके बयान का विरोध करने वालों में सबसे आगे थे। अब उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे विधानसभा में संघ की प्रार्थना गाते नजर आ रहे हैं। लोगों ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया है कि कांग्रेस नेता को संघ की प्रार्थना 'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे' पूरी कैसे याद है?
जब डीके शिवकुमार विधानसभा में RSS की प्रार्थना गा रहे थे, तो भाजपा विधायक खुशी में मेजें थपथपाने लगे। सदन में चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ पर चर्चा हो रही थी। तभी डीके शिवकुमार अपने राजनीतिक सफर के बारे में बात करने लगे। इसी बीच सदन में विपक्ष के नेता आर अशोक ने उन्हें याद दिलाया कि वे भी कभी RSS से जुड़े थे। इसे स्वीकार करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें संघ की प्रार्थना आज भी याद है। इसके बाद उन्होंने प्रार्थना गाना शुरू कर दिया। इस पर सदन ठहाकों से गूंज उठा।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया। कई यूजर्स ने लिखा कि यह कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए सीधी चेतावनी है। लोगों का मानना है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो शिवकुमार बीजेपी का रास्ता अपना सकते हैं। एक यूजर ने कहा, क्या वह संकेत दे रहे हैं कि अगर मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं मिली तो वह बीजेपी में जाने को तैयार हैं?
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यह घटना ऐसे समय पर हुई जब 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से आरएसएस की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि यह संगठन राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है और 100 साल की सेवा का सुनहरा अध्याय रचा है। उस समय डीके शिवकुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि संघ का कोई इतिहास नहीं है, यह नया संगठन है, जबकि कांग्रेस का इतिहास आजादी से भी पुराना है।