राहुल गांधी ने हिमंत बिस्व सरमा पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं सरमा ने पलटवार करते हुए गांधी को नेशनल हेराल्ड केस में घसीट लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी असम के दौरे पर हैं। गौरव गोगोई के राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल का ये पहला असम दौरा है।
राहुल ने इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को देश का “सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताते हुए उन्हें जल्दी ही जेल भेजे जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि असम की जनता जानती है कि सरमा किस तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। अब इसी बात पर सरमा ने पलटवार किया है।
राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरमा सौर ऊर्जा परियोजनाओं और रिसॉर्ट्स जैसे योजनाओं की आड़ में जमीन हथियाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ कांग्रेस नहीं, बल्कि असम का युवा, किसान, और मजदूर यह तय करेंगे कि इस भ्रष्ट नेता को जेल भेजा जाए।”
सरमा पर और ज्यादा हमलावर होते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की तेज आवाज और आक्रामक रवैये के पीछे डर छिपा हुआ है। उन्हें पता है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता उन्हें एक दिन कानून के शिकंजे में लाकर जेल में डालेंगे। उन्होंने असम की तुलना महाराष्ट्र में चुनावी हेरफेर और बिहार में मतदाता सूची में बदलाव के मामलों से करते हुए चेताया कि अगली बारी असम की हो सकती है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी के बयानों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए लिखा, “लिख कर ले लीजिए, हिमंत बिस्वा सरमा को जेल जरूर भेजेगा’ यह वही वाक्य है जो नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने असम में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति के साथ अपनी बंद बैठक में कहा।”
सरमा ने अपने उसी सोशल मीडिया पोस्ट में व्यंग्य करते हुए लिखा, “वे केवल इतना कहने के लिए असम आए, लेकिन हमारे नेता जी यह भूल गए कि वे स्वयं देशभर में दर्ज कई आपराधिक मामलों में जमानत पर हैं। असम के आतिथ्य का आनंद लीजिए।”