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चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- मैं कानून और संविधान का सेवक हूं

विजय कुमार तिवारी

नई दिल्ली : प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ (Chief Justice Chandrachud) ने शुक्रवार को कहा कि एक न्यायाधीश के रूप में वह कानून और संविधान के ‘सेवक' हैं। जब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ आज की कार्यवाही के लिए बैठी तो अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा ने अदालत के समक्ष एक मामले का उल्लेख किया। कॉलेजियम प्रणाली में सुधारों की जरूरत और वरिष्ठ अधिवक्ता पद समाप्त किये जाने की जरूरत से जुड़े मामले में बहस के दौरान ये टिप्पणी आई है।  

वकील ने पीठ के समक्ष कॉलेजियम प्रणाली में सुधारों की जरूरत और वरिष्ठ अधिवक्ता पद समाप्त किये जाने की जरूरत का उल्लेख किया। पीठ में न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल रहे।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘आपको अपने दिल की बात सुनने की आजादी है। प्रधान न्यायाधीश के रूप में, बल्कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण, एक न्यायाधीश के रूप में मैं कानून और संविधान का सेवक हूं।''  

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, मुझे उसका पालन करना होगा। मैं यह नहीं कह सकता कि मुझे यह पसंद है और मैं यह करुंगा।''  

शीर्ष अदालत ने इस साल अक्टूबर में वरिष्ठ अधिवक्ता के पद को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी थी।

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