BRICS Summit में जयपुर की कारीगरी फोटो सोर्स- IANS
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BRICS Summit 2026 में दिखेगी जयपुर की नवाबी झलक, 300 कारीगरों ने तैयार की सोने-चांदी की चमचमाती विशेष कटलरी

Jaipur Silver Tableware: BRICS Summit में जयपुर की कारीगरी से तैयार खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर से विदेशी मेहमानों का स्वागत होगा। करीब 300 कारीगरों ने व्यंजनों के अनुसार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए हैं।

अंकिता पटेल

BRICS Summit Silver Tableware: BRICS Summit के दौरान जब दुनिया के प्रमुख देशों के प्रतिनिधि दिल्ली में एक साथ जुटेंगे, तो चर्चा सिर्फ मेज पर परोसे जाने वाले व्यंजनों की नहीं होगी। मेहमानों के लिए इस्तेमाल होने वाला टेबलवेयर और कटलरी भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस खास मेहमाननवाजी में जयपुर की पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

अरुण्स ग्रुप के CEO अरुण पाबुवाल और डायरेक्टर अंतरा पाबुवाल के मुताबिक, BRICS Summit में विदेशी और विशेष मेहमानों के लिए खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की गई है। इसे तैयार करने में करीब 300 कारीगरों की टीम ने काम किया है। इन उत्पादों में पारंपरिक हस्तकला के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है।

हर व्यंजन के लिए अलग डिजाइन

अरुण पाबुवाल ने बताया कि BRICS Summit में परोसे जाने वाले अलग-अलग व्यंजनों के लिए टेबलवेयर का डिजाइन भी अलग रखा गया है। मेहमानों के स्वागत में परोसे जाने वाले पेय से लेकर मुख्य भोजन और अंत में स्वीट डिश तक, हर चरण के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं।

टेबलवेयर का डिजाइन इस बात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है कि उसमें किस तरह का भोजन परोसा जाएगा। रूसी व्यंजनों के लिए अलग शैली अपनाई गई है, जबकि भारतीय व्यंजनों के लिए भारतीय कला, संस्कृति और सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया गया है।

BRICS के लिए 60-70 खास आइटम

अंतरा पाबुवाल की मानें तो BRICS Summitके लिए तैयार किए गए उत्पादों को बनाने की पूरी प्रक्रिया में करीब चार से पांच महीने लगे। इसमें डिजाइनिंग, प्रोटोटाइप तैयार करने से लेकर अंतिम उत्पादन तक की प्रक्रिया शामिल रही। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कुछ निश्चित उत्पादों की जरूरत बताई गई थी, लेकिन बाद में जरूरत के अनुसार नए आइटम जुड़ते गए। करीब 60 से 70 अलग-अलग तरह के आइटम तक इस प्रोजेक्ट में शामिल किए गए।

उन्होंने कहा कि कई उत्पाद ऐसे भी थे, जिन्हें टीम ने इससे पहले नहीं बनाया था। इनमें एक विशेष 'शॉल ट्रे' भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल मेहमानों को शॉल या जरूरत पड़ने पर कंबल जैसी वस्तु प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। इस पूरे कलेक्शन में एक बड़ा फिंगर बाउल भी खास है। इसे विशेष जरूरत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया। सामान्य आकार के फिंगर बाउल की तुलना में इसका आकार बड़ा रखा गया, ताकि मेहमान आराम से इसका इस्तेमाल कर सकें।

BRICS के लिए डिजाइन में परंपरा और तकनीक का मेल

उन्होंने बताया कि डिजाइन तैयार करने से पहले आयोजन की जरूरतों और कॉन्सेप्ट को समझा गया। इसके बाद टीम ने अपनी ओर से डिजाइन कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए और पसंद किए गए डिजाइन को प्रोटोटाइप और फिर उत्पादन के चरण तक पहुंचाया। अरुण पाबुवाल ने आगे बताया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए काम करने में सबसे बड़ी चुनौती केवल उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि हर बार खुद से बेहतर करने की कोशिश रही।

करीब तीन महीने से अधिक समय तक डिजाइन और विकास पर लगातार काम किया गया, जबकि पूरे सप्लाई प्रोजेक्ट की अवधि चार से पांच महीने तक रही। पहले किए गए काम से बेहतर और अलग डिजाइन तैयार करना ही सबसे बड़ी चुनौती थी। पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर इस चुनौती को पूरा करने का प्रयास किया गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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