कोलकाता: आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ घटी दरिंदगी मामले में अभी भी पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। लेकिन महीने के पहले दिन ही राज्य में एक दिन में 4 नए मामले सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा अब एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार को आड़े हाथ लिया है।
प्रदेश में लगातार घट रही इस तरह की घटनाओं को लेकर लोगों में आक्रोश का माहौल है। सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी की जा रही है। बीजेपी ने TMC पर निशाना साधा है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर इन सभी मामलों की जानकारी देते हुए ममता सरकार में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाया है।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, " पश्चिम बंगाल में सितंबर 2024 का पहला दिन यौन उत्पीड़न के चार मामलों के साथ शुरू होता है।" उन्होंने सभी मामलों की जानकारी भी साझा की है। उन्होंने बताया कि बीरभूम के लांबाबाजार स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। जिसमें शेख अब्बासुद्दीन नामक व्यक्ति ने रात की ड्यूटी के दौरान नर्स के गुप्तांगों को जबरदस्ती छुआ। उन्होंने सीएम बनर्जी पर हमला बोलेत हुए लिखा," ममता बनर्जी महिलाओं के लिए कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने के बजाय रात में काम करने के लिए नर्स को दोषी ठहराएंगी।"
दूसरा मामला उन्होंने नादिया के कृष्णगंज के भजनघाट का बताया। जहां एक नाबालिग के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। वहीं तीसरा मामला मध्यमग्राम का बताया। जिसमें टीएमसी पंचायत सदस्य ने दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग के साथ बलात्कार किया है। इसके अलावा कल रात हावड़ा सदर अस्पताल के सीटी स्कैनर रूम में एक लड़की के साथ यौन शोषण का भी मामले के बारे में जानकारी दी है।
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उन्होंने लिखा कि ममता बनर्जी की बदौलत पश्चिम बंगाल महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य है। उन्होंने बलात्कार और पोक्सो मामलों में आरोपियों को दंडित करने के लिए कड़े नियमों को लागू करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के लिए कुछ नहीं किया है। मुख्यमंत्री के तौर पर वह एक बड़ी आपदा हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।