Amit Malviya on Rahul Gandhi: बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर तंज कसा है। बिहार में 16 दिन चली यात्रा के बाद वो विदेश यात्रा पर हैं। राहुल गांधी की छुट्टियों की एक तस्वीर साझा करते हुए अमित मालवीय ने एक पोस्ट लिखा है।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राहुल गांधी की छुट्टियों की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “लगता है बिहार की गर्मी और धूल कांग्रेस के युवराज से झेली नहीं गई, इसलिए भागकर छुट्टियों पर चले गए। या फिर यह कोई गुप्त बैठक है, जिसके बारे में किसी को जानकारी नहीं होनी चाहिए।”
मालवीय ने राहुल गांधी की टोपी और जींस शॉर्ट्स में तस्वीर साझा करते हुए यह भी कहा कि जब देश के लोग असली समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब राहुल गांधी 'गायब होने और छुट्टियां मनाने की कला' में और ज्यादा पारंगत हो रहे हैं।
गौरतलब है कि राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की 'वोटर अधिकार यात्रा' 1 सितंबर को समाप्त हुई थी। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने करीब 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की और 25 जिलों के लगभग 110 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। इस यात्रा का मकसद था मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक न्याय के मुद्दे को राजनीतिक विमर्श में केंद्र में लाना।
हालांकि यात्रा खत्म होते ही राहुल गांधी का अचानक विदेश जाना बीजेपी को रास नहीं आया। इससे पहले भी बीजेपी राहुल गांधी की विदेशी यात्राओं पर सवाल उठाती रही है। खासकर जब संसद का सत्र चल रहा हो या जब चुनावी गतिविधियां चरम पर हों।
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बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी की विदेश यात्राएं पारदर्शिता से परे होती हैं और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन सकती हैं। इसी साल बजट सत्र के दौरान भी राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इसे लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि राहुल गांधी की 'वियतनाम के प्रति असामान्य रुचि' कई सवाल खड़े करती है।
बीजेपी यह मानती है कि विपक्ष के एक प्रमुख नेता के तौर पर राहुल गांधी को ऐसी यात्राओं से बचना चाहिए या फिर पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए। जबकि कांग्रेस का रुख अब तक इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देने से बचता रहा है। इस बीच, राहुल गांधी की मलेशिया यात्रा ने एक बार फिर उनके राजनीतिक रवैये और प्राथमिकताओं को लेकर बहस को जन्म दे दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है, या एक बार फिर इसे नजरअंदाज करने की रणनीति अपनाती है।