कोलकाता: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हालिया में एक कार्यक्रम में हिन्दू धर्म के ऊपर दिए बयान पर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरमा ने हिंदू धर्म और औरंगजेब को लेकर टिप्पणी की, जिस पर टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने उन्हें आड़े हाथों लिया और कहा कि मुख्यमंत्री सरमा "बकवास" कर रहे हैं।
रविवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "औरंगजेब ने हिंदू धर्म को खत्म करने की कसम खाई थी, लेकिन इतिहास गवाह है कि हिंदू धर्म खत्म नहीं हुआ, बल्कि औरंगजेब खुद खत्म हो गया।" उन्होंने आगे कहा कि अगर ममता बनर्जी और राहुल गांधी को लगता है कि वे हिंदू धर्म को कमजोर कर सकते हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है। सरमा ने दावा किया कि हिंदू धर्म कभी खत्म नहीं होगा और यह हजारों वर्षों से भारतीय सभ्यता की रीढ़ रहा है। सरमा ने जोर देकर कहा था कि भारत की सभ्यता 5,000 साल से भी पुरानी है और यह 1947 में आज़ादी के बाद शुरू नहीं हुई। पूरा बयान पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सरमा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "मुख्यमंत्री सरमा बकवास कर रहे हैं। भाजपा केवल हिंदू-मुसलमान की राजनीति करती है, लेकिन बंगाल में यह नहीं चलेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में सभी धर्मों के लोग ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं, चाहे वे हिंदू हों, मुसलमान हों या ईसाई। टीएमसी प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं में किसी धर्म का भेदभाव नहीं होता। उन्होंने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि बंगाल में यह रणनीति सफल नहीं होगी।
हिमंत बिस्वा सरमा और टीएमसी के बीच बयानबाजी ने बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान सियासी माहौल को और अधिक गर्म कर सकते हैं। अब देखना होगा कि भाजपा और टीएमसी के बीच यह जुबानी जंग आगे क्या मोड़ लेती है।