AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- सोशल मीडिया) 
देश

'चांद पर घर और मिया को एक रुपया नहीं?', असम CM सरमा और पीएम मोदी पर बरसे ओवैसी, कोटद्वार मामले पर भी उठाए सवाल

Asaduddin Owaisi on Assam CM: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने असम सीएम के 'मियां' विरोधी बयानों और उत्तराखंड के कोटद्वार में हिंदू युवक दीपक कुमार पर दर्ज केस को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

प्रतीक पाण्डेय

तेलंगाना के आदिलाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के 'मियां' समुदाय पर दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे मुस्लिम समुदाय का अपमान बताते हुए पीएम मोदी के 'विकसित भारत' और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर सवाल खड़े किए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा 'मियां' समुदाय को लेकर दी जा रही तीखी बयानबाजी ने देश की सियासत को गरमा दिया है। सीएम सरमा ने हाल ही में कहा था कि इस समुदाय के लोगों को असम में रहने का अधिकार नहीं है और न ही ये यहां रिक्शा चला सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि वे शांति चाहते हैं तो यहां से चले जाएं।

सरमा पर बरसे औवैसी

इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा कि क्या कोई मुख्यमंत्री ऐसा कह सकता है कि यदि ऑटो-रिक्शा चालक 'मिया' है, तो उसे तय बिल से कम पैसे दिए जाएं। ओवैसी के अनुसार, सीएम का यह कहना कि "बिल पांच रुपये होने पर भी चार रुपये ही दें", एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छोटी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'मियां' समुदाय के लोग उन मुसलमानों के वंशज हैं जिन्हें अंग्रेज 150-200 साल पहले खेती और मजदूरी के लिए लाए थे और वे भारत के सम्मानित नागरिक हैं।

केंद्र सरकार को लेकर क्या बोले ओवैसी?

ओवैसी ने मुख्यमंत्री के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार चांद पर घर बनाने की बात करती है और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ एक गरीब ऑटो वाले को एक रुपया देने में भी हिचकिचाहट और नफरत दिखाई जाती है। ओवैसी ने सवाल किया कि इस तरह की मानसिकता के साथ हम कैसे विकसित भारत बन पाएंगे। उन्होंने इसे एक विरोधाभास बताया कि आप विकास के बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन समाज के एक बड़े हिस्से का अपमान कर रहे हैं।

कोटद्वार मामला: 'गरीब की मदद करना अब गुनाह है?'

ओवैसी ने अपने भाषण में उत्तराखंड के कोटद्वार की एक हालिया घटना का भी उल्लेख किया, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि दीपक कुमार नामक एक हिंदू युवक का 'गुनाह' सिर्फ इतना था कि उसने एक 70 वर्षीय मुस्लिम की मदद करने की कोशिश की। उस बुजुर्ग की दुकान पर "बाबा" लिखा हुआ था, जिसे हटाने के लिए बजरंग दल के लोग दबाव बना रहे थे। दीपक कुमार ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि यह दुकान तीस साल से यहां है और इसे जबरन नहीं हटाया जा सकता। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मदद करने के बदले भाजपा शासित राज्य की पुलिस ने उसी दीपक कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। ओवैसी ने पूछा कि क्या किसी सताए हुए और गरीब इंसान की मदद करना अब भाजपा सरकार में गुनाह बन गया है?

भाजपा पर 'नफरत की राजनीति' का आरोप

असम से लेकर उत्तराखंड तक की घटनाओं को जोड़ते हुए ओवैसी ने भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बयान केवल मुस्लिम समुदाय का अपमान नहीं हैं, बल्कि यह देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह की बयानबाजी जारी रही, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित होगी।

स्रोतों के अनुसार, सरमा के बयानों के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। ओवैसी ने जनता से आह्वान किया कि वे इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को पहचानें और विकास के असली मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगें। उनके इस भाषण ने आगामी चुनावों से पहले भाजपा की 'मियां' और हिंदू-मुस्लिम केंद्रित राजनीति के खिलाफ विपक्ष के तेवर कड़े कर दिए हैं।

आज की ताजा खबर 19 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिन भर की सभी बड़ी खबरें

वंदे मातरम के शुरुआती दो पैरा ही गाएगी कांग्रेस, 1937 के उस फैसले की पूरी कहानी जानिए

सत्येंद्र जैन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 25 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा राउज एवेन्यू कोर्ट

दिल्ली में CNG पंप पर ट्रक में ब्लास्ट से हड़कंप, अब तक 3 की मौत, कई लोग घायल

बिहार को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा! नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट, 4-लेन प्रोजक्ट को मिली मंजूरी