MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल सोर्स- IANS
देश

भारत के दांव से तिलमिलाया चीन! अरुणाचल प्रदेश पर विदेश मंत्रालय की दो टूक, कहा- कोई सच्चाई बदल नहीं सकता

MEA Randhir Jaiswal News: MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन को करारा जवाब दिया है। मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया।

अमन मौर्या

MEA Slams China On Arunachal Pradesh: भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक प्रेस कांन्फ्रेंस में अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ये बात कही। भारत ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों के नाम बदल अपने आधिकारिक नक्शे में शामिल किया।

भारत के इस कदम के बाद से ही चीन हमेशा की तरह बौखलाया हुआ है और इसकी निंदा करता हुआ बयान जारी किया। इस मामले पर मीडिया ने जब सवाल किया तो विदेश मंत्रालय ने बगैर किसी भी देश का नाम लिए स्पष्ट किया। मंत्रालय ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, यह एक स्वंय सिद्ध तथ्य है जिसे कोई भी चीज इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकता।

अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है चीन

बता दें, वर्ष, 2017 से ही चीन अरुणाचल प्रदेश को अपने नक्शे में शामिल करता रहा है। साथ ही यहां के कई जगहों के नाम भी बदलने का हथकण्डा अपनाता रहा है। इस बार भारत द्वारा अपने क्षेत्रों के नाम बदलने पर चीन तिलमिला उठा। हाल हीं में भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से सर्वे ऑफ इंडिया मैप में अरुणाचल प्रदेश की झील, बस्तियों और स्मारक समेत 27 स्थलों के नाम बदले हैं।

चीन का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है, हालांकि भारत ने इस दावे को हमेशा खारिज किया है और इसे बेबुनियाद बताया है।

मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यह एक ऐसा तथ्य है जो स्वतः स्पष्ट है। मैं इस बात पर भी जोर देना चाहता हूं कि कोई भी चीज इस निर्विवाद सच्चाई को बदल नहीं सकती।
विदेश मंत्रालय

रिश्तों की दुहाई देने लगा चीन

भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों के मैपिंग करने को लेकर चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि चीन लंबे समय से इस इलाके को अपने मैप में शामिल करता रहा है। भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच भारत ने एकतरफा कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में सीमा पर हालात खराब हो सकते हैं। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, भारत को इससे कोई लाभ नहीं होगा।

इससे पहले अप्रैल में भी विदेश मंत्रालय ने यह बात दोहराया था कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है और आगे भी रहेगा। चीन द्वारा अरुणाचल के जगहों के नाम बदलने के प्रयास को भारत ने गैर-कानूनी बताया था और कहा था कि इसे बर्दाशत नहीं किया जाएगा।

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