युद्धाभ्यास सोर्स- सोशल मीडिया
देश

युद्धाभ्यास में शामिल हुए घातक अपाचे! भारत-अमेरिका की सेनाओं का ये तालमेल दुश्मनों की उड़ा देगा नींद

Apache Helicopter In Yudh Abhyas: भारतीय-अमेरिकी सेनाओं के बीच चल रहे युद्ध अभ्यास में एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले M777 होवित्जर के साथ लाइव-फायरिंग ड्रिल की गई थी।

नितिन कुमार राय

India-America Yudh Abhyas:  भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्धाभ्यास’ चल रहा है। इस युद्धाभ्यास में एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी शामिल हो गए हैं। आसमान में अपाचे हेलीकॉप्टर और जमीन पर भारतीय-अमेरिकी सैनिकों ने मिलकर युद्ध जैसी परिस्थितियों में संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास किया। यह मिशन राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पूरा किया जा रहा है। सेना के मुताबिक, इस अभ्यास में सैनिकों ने पहले मिलकर मिशन की योजना बनाई। इसके बाद जमीन पर मौजूद सैनिकों और हवा में उड़ रहे अपाचे के बीच तालमेल का अभ्यास किया गया।

तेजी और सटीकता के लिए अभ्यास

इसका मकसद यह देखना है कि जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर और जमीनी सैनिक एक-दूसरे के साथ कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं। अपाचे हेलिकॉप्टर की मौजूदगी ने युद्ध अभ्यास को एक नया आयाम दिया। सैनिकों ने हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई को साथ जोड़ने, आपसी संपर्क बनाए रखने और सही समय पर कार्रवाई करने का अभ्यास किया। भारतीय और अमेरिकी सैनिकों के लिए यह अभ्यास एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का भी मौका है। दोनों सेनाएं एक जैसी प्रक्रियाओं, संचार और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं।

जमीन से हवा तक ट्रेनिंग

युद्ध अभ्यास 2026 में अपाचे की भागीदारी यह दिखाती है कि यह अभ्यास सिर्फ जमीन पर सैनिकों की ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है। इसमें हवा और जमीन की ताकत को एक साथ इस्तेमाल कर संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास भी किया जा रहा है। इससे पहले महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हॉवित्जर व धनुष से फायरिंग की गई। पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल हुआ। दोनों देशों के जवानों ने यहां संयुक्त फायरिंग अभ्यास किया। इस दौरान भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने अलग-अलग हथियार प्रणालियों के साथ प्रशिक्षण लिया।

युद्ध के सभी तरीकों का इस्तेमाल

सेना के मुताबिक, अभ्यास में एम 777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, धनुष तोप और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से फायरिंग की गई। इसके साथ ही एल 70 एयर डिफेंस तोपों और एम-लिड्स प्रणालियों को भी अभ्यास के दौरान कार्रवाई में देखा गया। इस संयुक्त प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य फायरिंग की योजना बनाना, समन्वय और कार्रवाई में बेहतर तालमेल विकसित करना था। इसके लिए दोनों सेनाओं की ऑब्जर्वेशन पोस्ट टुकड़ियों ने भी साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया। सैनिकों ने लक्ष्य की पहचान की। लक्ष्य की स्थिति बताने, उस पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने और फायर आदेश भेजने का अभ्यास किया गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

SIR: 10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट, चुनाव आयोग ने दावों पर दी सफाई, कहा- सर्वसम्मति से लिए गए फैसले

Chintan Shivir: आज से PM नरेंद्र मोदी और कैबिनेट मंत्रियों की अहम बैठक, मंत्रालयों के कामकाज पर होगी चर्चा

आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, PM नरेंद्र मोदी ने बताया दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर पहली बार मूवेबल क्रॉसिंग तकनीक का इस्तेमाल, 2027 में पहले सेक्शन पर शुरू होगी सेवा !

विजय की TVK सामने बड़ी चुनौती, इस्तीफे के बाद फिर चुनावी मैदान में सत्यभामा, धारापुरम सीट पर 5 तरफा मुकाबला