AIADMK Edappadi K Palaniswami: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन सामने आने के बाद AIADMK प्रदर्शन की समीक्षा कर रही हैं। समीक्षा के दौरान AIADMK के भीतर अब असंतोष के संकेत खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी से जुड़े विभिन्न सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने और चुनाव लड़ने के सीमित अवसर दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
दरअसल, AIADMK के महासचिव एके पलानीस्वामी इन दिनों जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों का आयोजन किया हैं। इन बैठकों के जरिए विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन करना, हार के कारणों को समझना और भविष्य की रणनीति तैयार करना उनका उद्देश्य है। पार्टी द्वारा अलग-अलग जिलों के नेताओं और पदाधिकारियों से चुनाव प्रचार, संगठन की कार्यप्रणाली और आगे की योजनाओं और रणनीति को लेकर सुझाव लिए जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, महिला विंग, एमजीआर यूथ विंग, यूथ विंग, ट्रेडर्स विंग और अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने लगातार यह मुद्दा उठाया कि उन्हें संगठन और चुनावी राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि सालों से से जमीनी स्तर पर काम करने के बाद भी विंग को न तो संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी गईं और न ही विधानसभा या स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के पर्याप्त अवसर मिले।
हाल ही में महिला विंग की बैठक में कई पदाधिकारियों ने मांग की कि संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए और भविष्य के चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अधिक टिकट दिए जाएं।
इसी क्रम में पलानीस्वामी ने धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों के पदाधिकारियों के साथ भी समीक्षा बैठक की। इस दौरान कुछ नेताओं ने पार्टी की आईटी विंग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान वह सत्तारूढ़ दल के प्रचार का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सफल नहीं रहे।
सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने इस आलोचना पर कहा कि केवल आईटी विंग ही नहीं, बल्कि पार्टी के कई अन्य सहयोगी संगठन भी चुनाव अभियान के दौरान अपेक्षित स्तर पर काम नहीं कर पाए। उन्होंने भविष्य के चुनावों को देखते हुए बेहतर समन्वय और संगठनात्मक अनुशासन मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
इस बीच, पूर्व सांसद एसआर विजयकुमार के नेतृत्व वाली एमजीआर यूथ विंग ने शुक्रवार को भी एक विचार-विमर्श बैठक आयोजित की। इसमें शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद यूथ विंग के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चुनाव लड़ने के अधिक अवसर और संगठन में नेतृत्व की जिम्मेदारियां देने की भी मांग की।
यह भी पढ़ें - CM विजय की दावत से वामपंथियों का किनारा, निमंत्रण के बाद भी बैठक में जाने से किया इनकार, गठबंधन में आई दरार?
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह असंतोष केवल एक-दो संगठनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और सहयोगी इकाइयों की व्यापक मांग है कि पार्टी नेतृत्व उनके साथ बेहतर तालमेल बनाए, उन्हें संगठन में उचित सम्मान दे और चुनावी राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे।
बैठक के अंत में एमजीआर यूथ विंग ने एक प्रस्ताव पारित कर एके पलानीस्वामी का आभार जताया। प्रस्ताव में कहा गया कि उनके नेतृत्व में AIADMK-नीत एनडीए ने विधानसभा चुनाव में 52 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, एक अन्य प्रस्ताव में सत्तारूढ़ TVK सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया गया कि उसकी कार्यशैली काफी हद तक पिछली डीएमके सरकार जैसी ही है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)