दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- IANS)
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युवाओं को फ्री कोचिंग से दिमागी नक्सल तक, लाल किले से क्या-क्या बोले पीएम मोदी? पढ़ें भाषण की 10 मुख्य बातें

PM Modi Independence Day Speech: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने 'विकसित भारत' का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि जब 2047 में आजादी के 100 साल होंगे, तब हम 'विकसित भारत' बनाकर रहेंगे।

मनोज आर्या

PM Modi Red Fort Speech Analysis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया और लगातार 13वीं बार इसकी प्राचीर से देश को संबोधित किया, जो गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में एक नया रिकॉर्ड है। प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से तिरंगा फहराने के बाद स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण दिया।

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से वे इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। यह उनका लगातार 13वां भाषण है, जिससे वे लाल किले से लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण देने वाले सबसे सफल गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कई अहम घोषणाएं की। आइए जानते हैं उनके भाषण की 10 मुख्य बातें।

1. 2047 तक 'विकसित भारत' का संकल्प

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत' का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि जब 2047 में आजादी के 100 साल होंगे, तब हम 'विकसित भारत' बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है।कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं। हमारी सोच के क्षितिज को विस्तृत करते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है तो कठिनाईयों और आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभर कर आता है। हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए, क्योंकि जब सपने और संकल्प ऊंचे होते हैं तो हमारे सामर्थ्य और प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है, तब जाकर हम सपनों को साकार कर सकते हैं।

2. 700 शहरों में पहुंचा गैस का पाइप लाइन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 से पहले, यानी आज से 12 साल पहले, हमारे देश में पाइप से गैस पहुंचाने की सुविधा सिर्फ 70 शहरों में थी। इन 12 सालों में हमने इसे 700 शहरों तक बढ़ाया है। इसे ही रफ्तार कहते हैं। इसे ही बड़े पैमाने पर काम करना कहते हैं। 2014 से पहले, पाइप वाली गैस मुश्किल से 20 से 22 लाख घरों तक पहुंचती थी। आज ये लगभग 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच रही है। बारह साल पहले, देश की सोलर एनर्जी क्षमता सिर्फ 2 गीगावाट थी। आज हमने 160 गीगावाट का लक्ष्य हासिल कर लिया है। हमने इस बात पर भी पूरा ध्यान दिया है कि इसका फायदा देश के मिडिल क्लास और आम परिवारों तक पहुंचे।

हमने 'पीएम सूर्य घर,मुफ्त बिजली योजना' शुरू की। आज, मुझे खुशी है कि इतने कम समय में हमने 50 लाख घरों में सोलर एनर्जी अपनाने का माइलस्टोन पार कर लिया है, और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

3. एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब मैं 'विकसित भारत' की बात करता हूं, जब मैं देश को तेजी से आगे ले जाने की बात करता हूं, तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसे मिलता है? इन सभी कोशिशों के पीछे सबसे बड़ी ताकत कौन है? अगर कोई ताकत है, तो वह मेरे देश के युवा हैं। यह मेरे देश के युवाओं की शक्ति है। 'विकसित भारत' की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के युवाओं के लिए एक घोषणा करना चाहता हूं। हमने संकल्प लिया है कि आने वाले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने का काम करेंगे, ताकि हमारे देश के युवाओं में एआई के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता हो।

4. नक्सलवाद के बाद दिमागी नक्सली पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश को दिमागी नक्सल से सावधान रहने की जरूरत है। लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि किस तरह दशकों से नक्सलवाद ने पूरे देश को जकड़ रखा था। हालांकि अब नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हालांकि जंगल से नक्सलवाद मिट गया हो लेकिन दिमागी नक्सल अब भी ताक में हैं और उनसे सावधान रहने की जरूरत है।

5. प्रधानमंत्री ने सप्तधारा का किया आह्वान

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ उस 'सप्त धारा' के सामर्थ्य से, उसकी शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई और गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाले सामर्थ्य देंगे। इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का भी भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा, उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी।"

प्रधानमंत्री ने बताया कि 'सप्त धारा' की पहली शक्ति मैन्यूफैक्चरिंग पावर है, जबकि दूसरी शक्ति कृषि और खाद्य उत्पादन, तीसरी शक्ति प्रौद्योगिकी और नवाचार, चौथी शक्ति गति शक्ति, पांचवी शक्ति रक्षा बल, छठी शक्ति ग्रीन इकॉनमी व ब्लू इकॉनमी और सप्त धारा की 7वीं धारा भारत की 'सॉफ्ट पावर' है।

6. 12 साल में भारत ने पकड़ी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 साल में भारत ने नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं और अब 140 देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है। पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा। खादी व ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इतना ही नहीं, आधुनिक युग को लेकर भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स और कंज्यूमर्स करीब-करीब 4 गुना बढ़े। पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े। सामान्य मानवी की सुविधा की ओर भी हमने उतनी ही गंभीरता से काम किया।

7. महिला आरक्षण विधेयक का भी जिक्र

80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राजनीतिक दलों से एक महत्वपूर्ण अपील की। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से एकजुट होकर राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की भावी नीतियों और फैसलों को सही आकार देने के लिए महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बेहद जरूरी है।

8. आत्मनिर्भरता पर प्रधानमंत्री का जोर

लाल किले के प्राचीर से विकसित भारत का लक्ष्‍य रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनयिा अब हर चीज का वेपनाइज्ड करने लगी है। सभी देश आत्‍मनिर्भता की ओर बढ़ रहे हैं। अब ग्‍लोबलाइजेशन पर बात होनी बंद हो चुकी है, क्‍योंकि दुनिया संसाधनों का वेपनाइज्ड करने लगी है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब तो भू-भाग को भी हथियारीकरण होने लगा है, जिस कारण एनर्जी संकट भी खड़ा हो चुका है।

उन्‍होंने कहा कि पिछले एक दशक में बनी नीतियों ने ही आने वाले संकटों से देश को कोरोना और वेस्‍ट एशिया जैसे संकट से उबारा है। लेकिन अब ये रुकने का वक्‍त नहीं है, हम रुक नहीं सकते हैं।

9. रेयर अर्थ की दिशा में भारत का अहम कदम

पीएम ने कहा कि हम क्रिटिकल मिनरल पर निर्भर है। ऐसे में भारत इसमें भी अपने हित सुरक्षित करने में जुटा है। हमने क्रिटिकल मिनरल को लेकर कोरिडोर की शुरुआत की है। विश्‍व के साथ चर्चा हो रही है। विश्‍व के देश भारत पर विश्‍वास करने लगे है। क्रिटिकल मिनरल्‍स को लेकर दुनिया के कई देशों के साथ डील भी हुई है।

10. सरकार के कामकाज में कई बदलाव

पीएम मोदी ने कहा कि गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। सैकड़ों की तादाद में पुराने कानून खत्म किए गए। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती। हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचालय बनाने का काम किया। हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया।

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