बेंगलुरु : उत्तर प्रदेश के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले नो लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इंटरनेट पर आज पूरे दिन अतुल सुभाष की आत्महत्या से जुड़े पोस्ट और खबरें चर्चा में बने रहे। ऐसा इसलिए, क्योंकि अतुल सुभाष की सुसाइड की कहानी सुनकर आप दंग रह जाएंगे और इसके साथ ही आप भारतीय कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने को मजबूर हो जाएंगे।
दरअसल, इंजीनियर अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सुभाष यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, "मुझे लगता है कि आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं जो रुपये कमा रहा हूं उससे मेरे दुश्मन और मजबूत हो रहे हैं। उन्हीं रुपयों का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है और यह चक्र यू हीं चलता रहेगा। मेरे द्वारा चुकाए गए टैक्स से प्राप्त धन से यह न्यायालय और पुलिस व्यवस्था मुझे, मेरे परिवार को और अन्य सज्जन लोगों को परेशान करेगी।''
सुसाइड से पहले जारी किए गए वीडियो में इंजीनियर सुभाष ने मांग की कि उनकी मौत के बाद पत्नी और उसके परिवार को उनके शव के पास जाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने वीडियो में अपने परिजनों से कहा कि जब तक उनका कथित उत्पीड़न करने वालों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वे उनकी अस्थियों का विसर्जन न करें। सुभाष ने न्याय की मांग करते हुए अपने परिजनों से आग्रह किया कि यदि उसका उत्पीड़न करने वालों को दोषी नहीं ठहराया जाता है तो वे उसकी अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें।
इंजीनियर सुभाष की पत्नी ने उनपर कई फर्जी आरोप लगाकर केस कर दी थी, जिसके कारण उन्हे अपनी पत्नी को महीने के 80 हजार रुपये मेंटेनेंस खर्च के रूप में देना होता था। इसके बाद भी उनकी पत्नी उनपर दवाब बनाती थी और कहती थी कि आप सुसाइड क्यों नहीं कर लेते। इस पर इंजीनियर सुभाष बोलते कि अगर मैं सुसाइड कर लूं, तो तुम्हारा मेंटेनेंस खर्च कैसे चेलेगा। इसे लेकर सुभाष की पत्नी ने उन्हें जवाब दिया था कि मेंटेनेंस खर्च का चिंता तुम छोड़ दो। मैं ये पैसे चुम्हारे बाप से ले लूंगी। इस तरह से उन्होंने अंतिम फैसला सुसाइड का ले लिया।
ऐसे में जब इंजीनियर सुभाष की सुसाइड का मामला इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर लोग न्याय की मांग करने लगे। इस बीच पुलिस ने बीते मंगलवार को उसकी पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों तथा उसकी पत्नी, उसके रिश्तेदार एवं उत्तर प्रदेश के एक न्यायाधीश द्वारा प्रताड़ित किए जाने का विस्तृत जानकारी दिया है। भाष का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली जिसमें लिखा था ‘‘न्याय मिलना बाकी'' है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सुभाष के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने उसकी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।'' अ धिकारी ने बताया कि सुभाष ने अपना सुसाइड नोट कई लोगों को ईमेल के जरिए भेजा तथा उसे एक व्हॉट्सऐप ग्रुप पर भी शेयर किया था, जिससे वह जुड़ा हुआ था। सुभाष ने सुसाइड नोट में आग्रह किया कि उसके बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए। सुभाष ने सुसाइड नोट में बताया कि 2019 में उसने शादी की थी और अगले साल उसका एक बेटा हुआ।
उसकी पत्नी के परिजन उन्हें (सुभाष) बार-बार रुपये के लिए परेशान करते थे और लाखों रुपये मांगते थे और जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो उनकी पत्नी कथित तौर पर 2021 में बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई।
सुभाष के सुसाइड नोट में लिखा गया है कि मेरी पत्नी मेरे बच्चे को अलग रखेगी और मुझे, मेरे बुजुर्ग माता-पिता तथा मेरे भाई को परेशान करने के लिए और भी मामले दर्ज कराएगी। मैं गुजारा भत्ता के लिए उसे जो पैसे देता हूं वह उसका इस्तेमाल हमारे बच्चे के कल्याण के बजाय मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। सुसाइड नोट के अंत में इंजीनियर अतुल सुभाष ने एक इमोशनल मैसेज लिखा, "दिस एटीएम इज क्लोज नाऊ।"