वायु प्रदूषण सेहत के लिए है खतरा (सौ.सोशल मीडिया) 
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सिर्फ फेफड़ों की समस्या नहीं कई मौतों का कारण बनता है वायु प्रदूषण, जानिए जहरीली हवा से बचने के उपाय

Air Pollution Health Effects: वायु प्रदूषण को लेकर सामने आई रिपोर्ट में कहा है कि, 90% मौतें नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज जैसे, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, क्रॉनिक लंग डिजीज और फेफड़ों के कैंसर के कारण होती है।

दीपिका पाल

Air Pollution Health Effects: देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है। इसके अलावा वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली के वासियों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। प्रदूषण की वजह से शरीर के नाजुक अंग फेफड़े खराब होने का डर होता है। वायु प्रदूषण को लेकर सामने आई रिपोर्ट में कहा गया है कि, 90% मौतें नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज जैसे, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, क्रॉनिक लंग डिजीज और फेफड़ों के कैंसर के कारण होती हैं।

इन सभी बीमारियों के पनपने का कारण जहरीली हवा और वायु प्रदूषण होता है। क्या आपने सोचा है वायु प्रदूषण कैसे मौत का कारण बनता है और क्या होते है बचाव के उपाय।

जानिए कैसे वायु प्रदूषण बनता है मौत का कारण

वायु प्रदूषण की वजह से मौत की स्थिति बनती है इसके लिए कई कारण जिम्मेदार होते है।

1- वायु प्रदूषण में दरअसल PM 2.5, ओजोन, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे कण होते हैं, जिनमें सबसे खतरनाक PM 2.5 होता है। यह कण इतना छोटा होता है कि, सीधे हमारे फेफड़ों को गहराई से नुकसान पहुंचाता है।

2-PM 2.5 फेफड़ों के सेल्स में जाकर सूजन पैदा करता है। इसकी वजह से सूजन आर्टरीज में जमे प्लाक को अस्थिर कर देती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

3- प्रदूषण का स्तर आम तौर पर ब्लड वेसल्स को बाधित करने का काम करता है। खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करते हैं। 4-लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से दमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, फेफड़ों का कैंसर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है मौत का कारण बनता है।

जानिए जहरीली हवा से कैसे करें बचाव

अगर आप वायु प्रदूषण के खतरे से बचना चाहते है तो इसके लिए ये जरूरी बातें अपना सकते है।

1- आप बाहर के प्रदूषण के अलावा घर के प्रदूषण पर भी ध्यान दें। इसके लिए बाहर के प्रदूषण से बचने का मतलब यह नहीं कि घर के अंदर की हवा शुद्ध है। धूल, केमिकल्स, कुकिंग से निकलने वाला धुआं भी अंदर की हवा को प्रदूषित कर सकता है। इसके लिए एयर प्यूरीफायर लगाएं, गीले कपड़े से डस्टिंग या सफाई करें।

2-आप प्रदूषण के खराब स्तर से बचने के लिए साधारण मास्क को लगाने की बजाय N95 या N99 रेटेड मास्क पहनें। ये मास्क खतरनाक PM 2.5 कणों को काफी हद तक कंट्रोल करता है।

3-इसके अलावा सुबह या शाम के समय घर के बाहर घूमने जाते है तो AQI पर नजर बनाए रखें। जब भी AQI 'खराब', 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में हो, बाहर एक्सरसाइज, दौड़ना या लंबी सैर जैसी आउटडोर फिजिकल एक्टिविटीज से बचें।

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4-प्रदूषण की स्थिति में खानपान में भी स्वच्छता बरतना जरूरी है। इसके लिए आप बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट ले सकते है जो शरीर में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करते है। इसके लिए आप अपनी डाइट में विटामिन-सी, विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स खाएं। ये एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर में प्रदूषण से पैदा होने वाले टॉक्सिन्स और सूजन को कम करता है।

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