हरियाणा बैंक फ्रॉड (सोर्स-सोशल मीडिया) 
हरियाणा

Haryana Bank Fraud: हरियाणा बैंक फ्रॉड में 590 करोड़ का घोटाला, HPGCL का अफसर बर्खास्त

Haryana Bank Fraud: हरियाणा में 590 करोड़ का बड़ा बैंक घोटाला सामने आया है। सरकार ने HPGCL के मुख्य अधिकारी अमित दीवान को बर्खास्त कर दिया है। मामले की जांच अब CBI को सौंपी गई है।

प्रिया सिंह

Massive Haryana Bank Fraud: हरियाणा राज्य में 590 करोड़ रुपये के एक बहुत बड़े बैंकिंग घोटाले ने पूरे सरकारी और वित्तीय तंत्र को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए सरकार ने पावर सेक्टर की कंपनी HPGCL के मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित दीवान को उनकी सेवा से तुरंत बर्खास्त कर दिया है। जांच में यह साफ तौर पर सामने आया है कि इस बड़ी धोखाधड़ी में सरकारी फंड को कई फर्जी खातों और कंपनियों के जरिए बहुत ही चालाकी से डायवर्ट किया गया। अब इस गंभीर और बड़े वित्तीय घोटाले की तह तक जाने के लिए पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है।

इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई में मुख्य आरोपी अमित दीवान सहित कुल 15 लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। अमित दीवान को स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो ने 18 मार्च 2026 को ही इस बड़े घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया था। यह सारा पैसा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में मौजूद HPGCL के सरकारी खातों से अवैध तरीके से निकाला गया था। सीबीआई अब इन सभी फर्जी बैंक खातों, लेन-देन और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की गहराई से जांच करेगी जिससे और खुलासे हो सकें।

घोटाले का मुख्य आरोपी

इस 590 करोड़ रुपये के घोटाले में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) के सीएफओ अमित दीवान सबसे मुख्य आरोपी हैं। दिनांक 1 मई 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के तहत उन पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया गया है। अमित दीवान को इससे पहले निलंबित किया गया था लेकिन जांच में गंभीर तथ्य और सबूत मिलने के बाद उनकी सेवा पूरी तरह समाप्त कर दी गई।

कैसे हुआ यह फ्रॉड

इस भारी-भरकम बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम देने के लिए कई फर्जी संस्थाएं और बहुत सारी शेल कंपनियां जानबूझकर बनाई गई थीं। इन सभी शेल कंपनियों के बैंक खातों में धीरे-धीरे करके करोड़ों रुपये के सरकारी पैसे को बहुत ही सुनियोजित तरीके से ट्रांसफर किया गया। यह पूरा नेटवर्क एक बड़ी साजिश के तहत काम कर रहा था जिसमें बैंक के अंदर और बाहर के कई लोगों की मिलीभगत होने का पूरा अंदेशा है।

अमित दीवान का प्रोफाइल काफी बड़ा था और वह हरियाणा के पावर सेक्टर में पिछले 27 सालों से ज्यादा समय से लगातार कार्यरत थे। उन्हें वित्तीय मामलों का बहुत बड़ा विशेषज्ञ माना जाता था और घोटाले के वक्त वह HPGCL में डायरेक्टर फाइनेंस के बड़े पद पर तैनात थे। इतने वरिष्ठ और अहम पद पर रहते हुए ऐसे गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप सामने आना पूरे सरकारी सिस्टम के लिए भारी चिंता का विषय है।

सीबीआई करेगी गहरी जांच

राज्य सरकार ने इस घोटाले के विशाल नेटवर्क और गंभीरता को देखते हुए इस पूरे केस की जांच का जिम्मा अब सीबीआई को सौंप दिया है। अधिकारियों का साफ मानना है कि यह 590 करोड़ का घोटाला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई स्तरों पर बड़ी मिलीभगत है। सीबीआई की जांच से आने वाले समय में इस बैंकिंग घोटाले में शामिल और भी कई बड़े चेहरों और संस्थाओं के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।

महाराष्ट्र के शबरी नेचुरल्स को मिला जापान का ग्लोबल गुड डिजाइन अवॉर्ड, मन की बात में PM मोदी ने की सराहना

Chef Damu Dies: चेन्नई में 72 साल के शेफ दामू का निधन, 617 डिश बनाकर बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड

जलगांव में आरएसएस के पथसंचलन के दौरान पथराव और विरोध-प्रदर्शन, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

...असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते, मिडिल ईस्ट संकट को लेकर एस जयशंकर का बयान; संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया

UP चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, लखनऊ में 200 सीट हक है हमारा के पोस्टर; अखिलेश की बढ़ेगी टेंशन?