Congress and Haryana Police Clash: हरियाणा विधानसभा में आज मानसून सत्र का पहला दिन था। हालांकि पहले ही दिन मानसून सत्र बवाल की बली चढ़ गया। हरियाणा विधानसभा के सामने कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया।
दरअसल, हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस के विधायकों ने सदन के बाहर सरकार को घेरने की योजना बनायी थी। इस दौरान कांग्रेसी विधायकों ने कानून व्यवस्था, जंतर मंतर छात्र आंदोलन में हुई हिंसा और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए पैदल मार्च का आयोजन किया था।
कांग्रेसी विधायकों के द्वारा निकाले जाने वाले पैदल मार्च के दौरान पुलिस और कांग्रेसी विधायकों के बीच मामूली झड़प होती हुई नजर आयी। विपक्षी दल कांग्रेस ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने कांग्रेस के द्वारा निकाले जाने वाले इस शांतिपूर्ण पैदल मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग तो की ही और साथ ही उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। जिसके चलते कई कांग्रेसी विधायकों को चोटें भी लगी हैं।
हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी विरोध जताया है। उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से इस पैदल मार्च की कुछ फोटोज और वीडियोज भी शेयर की है। जिसमें पुलिस कांग्रेसी विधायकों को रोकने की कोशिश करती हुई नजर आ रही है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन हमने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और नीट (NEET) आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ पैदल मार्च कर आवाज उठाई तो इस दौरान पुलिस ने विधायकों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की और बल प्रयोग किया, जिससे कई विधायकों को चोटें आईं। मैं सरकार की इस दमनकारी कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। चाहे जंतर-मंतर हो या विधानसभा मार्च, देश के हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का बल प्रयोग संविधान और लोकतंत्र विरोधी है। जिस तरह पुलिस मेरे और अन्य विधायकों के साथ धक्का-मुक्की कर रही थी, ऐसा लग रहा था मानो सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे हों।
साथ ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे एक और पोस्ट शेयर कर हरियाणा सरकार से गंभीर सवाल भी पूछे है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे लिखा कि विपक्ष से इतना खौफ? संविधान और लोकतंत्र के लिए आज का दिन 'काला दिन' साबित हुआ। पुलिस और लाठियों के दम पर सदन चलाना बंद करो। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का अपमान, सीधे हरियाणा की जनता का अपमान है।