Gurugram Blackout: साइबर सिटी गुरुग्राम की रफ्तार थम गई है। शुक्रवार की शाम एक ऐसा ‘पावर ब्रेक’ लगा कि हजारों लोगों की सांसें हलक में अटक गईं। दफ्तरों से थककर घर लौट रहे मुसाफिरों को ले जा रही रैपिड मेट्रो अचानक बीच ट्रैक पर ही खड़ी हो गई। सेक्टर-72 के मुख्य बिजली घर का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर फुंक गया है। जिससे आधे गुरुग्राम की बत्ती गुल हो गई है। साथ ही रैपिड मेट्रो के पहियों को भी पूरी तरह जाम कर दिया है।
गर्मी की उमस और घने अंधेरे के बीच जब एक घंटे तक मेट्रो टस से मस नहीं हुई तो यात्रियों को मेट्रो के आपातकालीन दरवाजों से निकलकर लोहे के ट्रैक पर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा। मोबाइल की फ्लैशलाइट के सहारे लोग रेंगते-रेंगते स्टेशन तक पहुंचे। इस दौरान उनकी आंखों में खौफ साफ तौर पर दिख रहा था। इस हादसे ने मिलेनियम सिटी के वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
बता दें कि गुरुग्राम में बड़ा बिजली संकट गहरा गया है। सेक्टर-72 स्थित 220 KVA बिजली घर का मेन ट्रांसफार्मर फूंकने से 7 बड़े बिजली घर पूरी तरह ठप हो गए हैं। इस महा-कटौती की वजह से सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति 66KVA सब-स्टेशन बुरी तरीके से प्रभावित हुए हैं।
वहीं, सेक्टर-38 से 57, सेक्टर-15 पार्ट-1/2 और सेक्टर-18 के रिहायशी इलाकों में पूरी तरह बत्ती गुल है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर ठीक होने में 8 से 10 घंटे लगेंगे, जिससे देर रात तक ही सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है।
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बता दें कि सेक्टर-72 स्थित 220 KVA के मुख्य बिजली घर का बड़ा ट्रांसफार्मर अचानक फूंकने के कारण यह भीषण संकट खड़ा हुआ है। इस तकनीकी खराबी का चेन-रिएक्शन ऐसा हुआ कि सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति 66KVA समेत कुल 7 बिजली घर पूरी तरह बंद हो गए। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि फुंके हुए भारी-भरकम ट्रांसफार्मर को बदलने या ठीक करने में लगभग 8 से 10 घंटे का समय लगेगा, जिससे देर रात या सुबह तक ही सप्लाई बहाल होगी।