Highlights:
गुजरात सरकार ने यूसुफ पठान को जमीन आवंटित करने का आदेश जारी किया
978 वर्ग मीटर प्लॉट में 500 वर्ग मीटर जमीन उपहार में मिलेगी
वडोदरा में प्लॉट की अनुमानित कीमत करीब 20.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी
Gujarat Govt Gift Plot to Yusuf Pathan: पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को एक बड़ा फायदा हुआ है। खबर है कि गुजरात सरकार ने एक प्लॉट उपहार में दिया है जिसकी कीमत करोड़ों में है। वहीं, एक बड़ा हिस्सा रियायती दरों पर भी देने की व्यवस्था की जा रही है। इस प्लॉट को लेकर सांसद लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे और मामला फिलहाल गुजरात हाई कोर्ट में लंबित था।
दिलचस्प बात यह है कि यूसुफ पठान ने हाल ही में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) से रिश्ता तोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। अब गुजरात की भाजपा सरकार ने उन्हें करोड़ों का प्लॉट गिफ्ट में दे दिया है। इसके चलते इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, वडोदरा नगर निगम (VMC) ने प्लॉट आवंटन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे स्थायी समिति के पास भेज दिया है। स्थायी समिति ही इस मामले पर अंतिम फैसला करेगी। हालांकि माना जा रहा है कि समिति का फैसला यूसुफ पठान के पक्ष में आएगा।
गुजरात सरकार ने हाल ही में आदेश जारी किया था, इसमें पूर्व क्रिकेटर को जमीन आवंटित करने की बात कही गई थी। इसी के आधार पर वडोदरा नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक आवंटन यूसुफ पठान को गिफ्ट किया जा रहा प्लॉट 978 वर्ग मीटर का है, जिसकी कीमत करोड़ो में आंकी जा रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 978 वर्ग मीटर प्लॉट में से 500 वर्ग मीटर को पठान को गिफ्ट किया जाएगा। वहीं, 478 वर्ग मीटर जमीन को 55 फीसदी की रियायती दर पर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि गुजरात राजस्व विभाग इसके बराबर कीमत की जमीन VMC को देगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, टाउन प्लानिंग स्कीम-22 के फाइनल प्लॉट नंबर 90 की जमीन तंदलजा इलाके में स्थित है। इसके ठीक पास पठान परिवार का घर है। जुलाई में वडोदरा महानगरपालिका (VMC) की स्थायी समिति ने इस प्लॉट की नीलामी की तैयारी की थी। उस समय जमीन की दर 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तय हुई थी, जिसके आधार पर प्लॉट की अनुमानित कीमत करीब 20.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी। हालांकि, पठान परिवार की ओर से कथित अतिक्रमण का मामला सामने आने के बाद नीलामी की प्रक्रिया रोक दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ पठान ने 2012 में वीएमसी से बगैर नीलामी के प्लॉट की 99 साल की लीज की मांग की थी। उन्होंने अपने आवेदन में क्रिकेटर होने और सुरक्षा संबंधी चिंताएं होने की बात कही थी। वीएमसी ने पठान की बात को मान लिया था। पठान भी प्लॉट के लिए करीब 5.6 करोड़ रुपये चुकाने के लिए तैयार थे, जो उस समय प्लॉट की कीमत थी।
हालांकि, तब 2014 में शहरी विकास विभाग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। बाद में नगर निगम ने आरोप लगाए कि पठान ने प्रस्ताव खारिज होने के बाद भी प्लॉट पर फेंसिंग कर दी है। इसके बाद 2024 में उन्हें फेंसिंग हटाने के लिए नोटिस मिला। जिसके खिलाफ उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अगस्त 2025 में हाई कोर्ट ने सरकार की तरफ से आवंटन खारिज किए जाने के फैसले को बरकरार रखा।
इसके बाद 31 अगस्त को यूसुफ पठान ने हाई कोर्ट में अपनी याचिका वापस ले ली। इनके वकील ने बताया कि मामला अदालत के बाहर ही निपट सकता है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश 13 अगस्त को जारी किया गया था, जो नगर निगम के पास 29 अगस्त को पहुंचा था। इसके दो दिन बाद ही पठान ने अपील वापस ले ली थी।