शौर्य यात्रा में शामिल हुए PM मोदी, फोटो- सोशल मीडिया  
गुजरात

हाथों में डमरू और 108 घोड़ों का जुलूस, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर कुछ इस अंदाज में दिखे पीएम मोदी

Swabhiman Parv 2026: पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ में आयोजित 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लिया। यह यात्रा मंदिर की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को समर्पित थी, जिसमें 108 घोड़ों का जुलूस निकला।

प्रतीक पाण्डेय

PM Modi Somnath Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और भव्य 'शौर्य यात्रा' की शोभा बढ़ाई। यह आयोजन मंदिर के गौरवशाली इतिहास और विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध बलिदान देने वाले योद्धाओं के प्रति एक महान श्रद्धांजलि है, जो भारत की सांस्कृतिक चेतना और अटूट स्वाभिमान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ में आयोजित 'शौर्य यात्रा' में भाग लिया, जो उन अनगिनत वीर योद्धाओं के साहस को समर्पित थी, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस औपचारिक शोभा यात्रा का मुख्य आकर्षण 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस था, जो शक्ति, शौर्य और अटूट बलिदान का संदेश दे रहा था। यह आयोजन 1026 ईस्वी में मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए 'स्वाभिमान पर्व' के रूप में मनाया जा रहा है।

महादेव के चरणों में करेंगे पूजन और ओंकार का नाद

शौर्य यात्रा के पश्चात, प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे। यहां विशेष अनुष्ठान में भाग लेंगे और 'ओंकार' मंत्र का जाप किया जाएगा। पीएम ने कल के आध्यात्मिक अनुभव की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की दिव्यता और भक्ति का उच्चतम शिखर बताया। मंदिर में 72 घंटे तक चलने वाले निरंतर 'ओम' जाप के इस विशेष उत्सव ने श्रद्धालुओं के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया है।

उमड़ी लोगों की भारी भीड़

गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर पीएम मोदी को देखने की लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने उनका अभिवादन किया और हर-हर महादेव के जयकारे भी लगाए। मोदी ने भी हाथ हिलाकर उन सभी का अभिवादन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। शौर्य यात्रा साहस, बलिदान और अडिग आत्मा का प्रतीक है, जिसने सदियों की कठिनाइयों के बावजूद सोमनाथ मंदिर को संरक्षित रखा।

सरदार पटेल का योगदान और ऐतिहासिक संघर्ष का स्मरण

अपने प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जहाँ उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को प्रमुखता से याद किया। उन्होंने उल्लेख किया कि किस तरह सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखकर भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का मार्ग प्रशस्त किया था। पीएम मोदी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध हुए संघर्षों और भारतीय समाज की वीरता की कहानियों को राष्ट्र के गौरव से जोड़ा।

आकाश में ड्रोन शो के जरिए जीवंत हुआ इतिहास

स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में पहले दिन आयोजित भव्य ड्रोन शो ने आसमान को भी शिवमय बना दिया। करीब 3,000 ड्रोन्स के माध्यम से आकाश में शिवलिंग, सोमनाथ मंदिर की आकृति और ब्रह्मांड के दृश्यों को उकेरा गया। प्रधानमंत्री ने इन विहंगम दृश्यों की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन आस्था का अद्भुत संगम करार दिया। मंदिर ट्रस्ट की बैठक में उन्होंने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की।

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