Vyjayanthimala Birthday Special: हिंदी सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस वैजयंतीमाला आज अपना 94वां जन्मदिन मना रही हैं। वैजयंतीमाला का जन्म 13 अगस्त 1933 को मद्रास, मौजूदा चेन्नई, में हुआ था। कला से जुड़े परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें बचपन से ही भरतनाट्यम की शिक्षा मिलने लगी। नृत्य आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान बना।
वैजयंतीमाला ने 1949 में तमिल फिल्म ‘वाझकाई’ से अभिनय की शुरुआत की और इसके बाद हिंदी सिनेमा में बहार के जरिए कदम रखा। कुछ ही समय में वह इंडस्ट्री की शीर्ष एक्ट्रेसेस में शामिल हो गईं। नागिन, देवदास, नया दौर, मधुमती, साधना, गंगा जमना, संगम, ज्वेल थीफ और आम्रपाली जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
वैजयंतीमाला की आत्मकथा में कश्मीर में फिल्म ‘थेन्निलावु’ की शूटिंग का एक खौफनाक किस्सा भी मिलता है। डल झील में एक सीन फिल्माते समय वह पानी में गिर गई थीं और लगभग डूबने की स्थिति में पहुंच गईं। हालात बिगड़ते देख कैमरामैन ने तुरंत पानी में छलांग लगाकर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
फिल्म ‘सूरज’ की शूटिंग के दौरान भी एक्ट्रेस के साथ हादसा हुआ। एक डांस सीक्वेंस के दौरान वह लकड़ी से बने प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान लकड़ी से निकली एक कील उनके पैर में घुस गई। उन्हें तत्काल इलाज दिया गया, लेकिन इस घटना ने शूटिंग के जोखिम को उजागर कर दिया।
वैजयंतीमाला ने फिल्मों के साथ भरतनाट्यम को भी जारी रखा और विदेशों में भारतीय शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन किया। 1969 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की 20वीं वर्षगांठ के मानवाधिकार दिवस समारोह में प्रस्तुति दी। बाद में उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। वह 1984 और 1989 में लोकसभा सदस्य रहीं और 1993 में राज्यसभा के लिए नामित हुईं।
वैजयंतीमाला के योगदान के लिए उन्हें 1968 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें अभिनय और नृत्य के क्षेत्र में कई सम्मान मिले। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इस तरह वैजयंतीमाला का सफर सिर्फ एक फिल्म स्टार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय कला, सिनेमा और सार्वजनिक जीवन में उनकी विरासत आज भी कायम है।