करूर रैली में भगदड़ (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

‘पथराव के आरोप झूठे’... पुलिस ने TVK के दावों को किया खारिज, कहा- नियम मानते तो न होती भगदड़

Karur Stampede News: तमिलनाडु के करूर में विजय की पार्टी टीवीके की रैली में मची भगदड़ ने पूरे राज्य को हिला दिया है। लेकिन अब इस पूरे मामले पर पुलिस का बयान सामने आया है, तो चलिए जानते हैं क्या कहा।

स्नेहा मौर्या

Vijay Rally Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली के दौरान मची भगदड़ ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अब तक इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर हैं। हालांकि, इस हादसे के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। वहीं भगदड़ पर टीवीके की तरफ से दावा किया गया कि भीड़ पर पथराव हुआ था, जिसके चलते भगदड़ की स्थिति बनी।

हालांकि, अब तमिलनाडु पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि हादसा किसी साजिश का नतीजा नहीं बल्कि टीवीके की लापरवाही और अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ है। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) डेविडसन देवसिरवथम ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीवीके के आरोपों का खंडन किया।

उन्होंने कहा कि रैली स्थल पर जगह कम होने के बावजूद भारी संख्या में लोगों को इकट्ठा किया गया। विजय की रैली के लिए टीवीके ने लगभग 10 हजार लोगों की अनुमति मांगी थी और पुलिस ने उसी हिसाब से सुरक्षा इंतजाम किए थे। लेकिन आयोजन स्थल पर वास्तविक संख्या कई गुना अधिक पहुंच गई।

टीवीके के दावों को तमिलनाडु पुलिस ने किया खारिज

एडीजीपी ने कहा कि विजय की रैली में देरी ने हालात को और बिगाड़ दिया। विजय की नमक्कल रैली पहले से तय थी, लेकिन वहां कार्यक्रम देर से शुरू हुआ। इसके चलते करूर पहुंचने में भी उन्हें देरी हो गई और वे शाम 6 बजे के करीब ही रैली स्थल पहुंचे। इस बीच, न सिर्फ करूर बल्कि नमक्कल से भी लोग यहां पहुंचने लगे। हर कोई विजय को करीब से देखना चाहता था, जिसके कारण भीड़ बेकाबू हो गई।

बेकाबू भीड़ की वजह से हुई अफरा-तफरी

उन्होंने साफ किया कि पथराव की वजह से कोई घटना नहीं हुई। रैली में मौजूद लोग न तो पुलिस, न ही वालंटियर्स या बाउंसर्स की बात सुन रहे थे। सभी केवल विजय की झलक पाने को बेचैन थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। पुलिस का कहना है कि रैली स्थल की क्षमता सीमित थी और भीड़ का नियंत्रण खोने से यह दुखद घटना घटी। अधिकारियों ने इसे पूरी तरह अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की असफलता बताया।

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