सितारे जमीन पर में दिव्यांग बच्चे आमिर खान पर पड़े भारी, अच्छी कहानी के लिए देखी जा सकती है फिल्म 
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सितारे जमीन पर रिव्यू: ट्रैक पर नहीं लौटे आमिर खान, हिट फिल्म के लिए दिल्ली अभी दूर है

आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। आप फिल्म देखने का अगर मन बना रहे हैं तो फिल्म देखने के लिए निकलने से पहले यह रिव्यू जरूर पढ़ लें।

अनिल सिंह

सितारे जमीन पर रिव्यू: आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म को दर्शकों का कैसा रिस्पॉन्स मिलेगा, यह आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन हिट फिल्मों के अपने ट्रैक पर आमिर खान वापस नहीं लौट पाए हैं। आमिर खान की हिट फिल्म के लिए दिल्ली अभी दूर है, यह कहा जा सकता है। आमिर खान की सितारे जमीन पर उनकी फिल्म 3 इडियट्स, पीके और दंगल जैसा जादू नहीं चल पाई है। हां यह फिल्म तारे जमीन पर फिल्म की याद जरूर दिलाती है लेकिन उस फिल्म में वह एक बच्चे को पाठ पढ़ाते हुए नजर आए थे, इस फिल्म में बच्चे उन्हें पाठ पढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं।

आमिर खान की यह फिल्म बहुत ही अच्छी कहानी पर बनाई गई है, लेकिन आमिर खान से ये अपेक्षा थी कि वह इस कहानी को और बेहतर तरीके से पेश कर सकते थे। फिल्म में एक-दो नहीं कई खामियां हैं, लेकिन कहानी जबरदस्त होने के नाते फिल्म देखने लायक है।

फिल्म की कहानी दिल्ली के एक बास्केट बॉल कोच गुलशन (आमिर खान) की है जिसकी पत्नी सुनीता (जेनेलिया डिसूजा) है। गुलशन का पारिवारिक जीवन भी अनबन से भरा हुआ है, लेकिन वह एक बेहतरीन बास्केटबॉल कोच है। अपने आप में मस्त रहना अपने काम को बेस्ट समझना, यह उनकी खासियत है और दूसरों की कमियां निकालना तो जैसे उनके खून में है। लेकिन एक दिन अचानक नशे में चूर गुलशन एक्सीडेंट कर बैठते हैं, जिसकी वजह से कोर्ट उन्हें एक अनोखी सजा सुनाता है और सजा के तौर पर उन्हें मिलता है बौद्धिक अक्षम बच्चों को बास्केटबॉल की ट्रेनिंग देने का आदेश और यहीं से फिल्म की कहानी असली मोड़ लेती है। खुद को बेस्ट समझने वाला एक कोच अब ऐसे बच्चों से घिरा हुआ है जो बौद्धिक अक्षम तो हैं लेकिन जीने का सलीका कोच से बेहतर जानते हैं। बच्चों को ट्रेंड करने के बाद वह उन्हें मैच के लिए मुंबई लेकर आते हैं? क्या वह बच्चे मैच जीत पाएंगे? क्या गुलशन बच्चों को ट्रेंड करने में कामयाब हुआ? यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगा।

फिल्म की कहानी और एक्टिंग को छोड़कर बाकी जगहों में जैसे की डायरेक्शन और संगीत में आपको कई जगह कमियां नजर आएंगी। कुछ दृश्य जबरदस्ती फिल्म को लंबा बनाते हैं। तो वहीं एक ही शूटिंग सेट पर बार-बार हुई शूटिंग आपको थोड़ा बोर भी करेगी। अगर आप बहुत ज्यादा एंटरटेन होने के लिए यह फिल्म देखने जा रहे हैं तो आपके हाथ में निराशा लग सकती है, लेकिन अगर आप दिव्यांग बच्चों पर आधारित एक बेहतरीन फिल्म देखने जा रहे हैं तो यह फिल्म आपके लिए है। तारे जमीन पर फिल्म में आमिर खान एक दिव्यांग बच्चों को ट्रेंड कर रहे थे, लेकिन इस फिल्म में कहानी पूरी उलट है, दिव्यांग बच्चों का एक समूह आमिर खान को जिंदगी जीने का सबक सिखाता हुआ नजर आता है।

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