Shekhar Suman Student Protest: अभिनेता शेखर सुमन ने दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन और उसके दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी और दुख जाहिर किया है। उन्होंने अपने डिजिटल टॉक शो 'शेखर टुनाइट' के हालिया एपिसोड में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। शो की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।
शेखर सुमन ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छोटे, मासूम, निहत्थे और बेगुनाह छात्रों के साथ जिस तरह की निर्ममता और बेरहमी दिखाई गई, वह दिल दहला देने वाला सीन था। उन्हें लाठियों से पीटा गया, लहूलुहान किया गया। पिछले तीन दिनों से मैं सोया नहीं, सिर्फ रोया हूं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने उन्हें भावुक कर दिया और वह उन सीन्स को भूल नहीं पा रहे हैं।
अपने संबोधन में शेखर ने सवाल उठाया कि आखिर उन छात्रों का कसूर क्या था। उनके मुताबिक, वे सिर्फ अपने अधिकार, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और देश के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए। यह किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंता का विषय है। शेखर ने युवाओं की आवाज को सुने जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
शेखर सुमन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए महाभारत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि महाभारत उस दिन शुरू नहीं हुई थी, जिस दिन शंख बजा था, बल्कि उस दिन हुई थी, जब हस्तिनापुर ने अपने ही युवाओं को सुनना बंद कर दिया था। इतिहास वहीं करवट लेता है, जहां सत्ता यह मान लेती है कि उसे अब किसी की सुनने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो शेखर सुमन इन दिनों अपने डिजिटल शो 'शेखर टुनाइट' के जरिए सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर बेबाक राय रखते नजर आ रहे हैं। यह शो उनके लोकप्रिय कार्यक्रम 'मूवर्स एंड शेकर्स' की तर्ज पर बनाया गया है। इसके अलावा वह हाल ही में रिलीज हुई कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज 'द पिरामिड स्कीम' में भी नजर आए, जहां उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।