भंसाली का सबसे बड़ा सपना था बाजीराव मस्तानी, लेकिन क्यों टलती रही सालों तक 
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भंसाली का सबसे बड़ा सपना था बाजीराव मस्तानी, लेकिन क्यों टलती रही सालों तक, जानें दिलचस्प किस्से

Bajirao Mastani 10 Years: बाजीराव मस्तानी 18 दिसंबर 2015 को रिलीज हुई और अब 10 साल पूरे कर चुकी है। यह फिल्म पेशवा बाजीराव, उनकी पत्नी काशीबाई और मस्तानी के बीच प्रेम और संघर्ष की कहानी बताती है।

सोनाली झा

Sanjay Leela Bhansali Dream Project: संजय लीला भंसाली की ऐतिहासिक और भव्य फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ ने भारतीय सिनेमा में अपने रिलीज के साथ ही एक अलग मुकाम हासिल कर लिया था। 18 दिसंबर 2015 को रिलीज हुई यह फिल्म अब अपने 10 साल पूरे कर चुकी है, लेकिन इसकी चमक और असर आज भी पहले जैसा ही है। भव्य सेट्स, दमदार अभिनय, यादगार संगीत और गहरी भावनाओं से सजी यह फिल्म समय के साथ एक मॉडर्न क्लासिक बन चुकी है।

फिल्म मराठा योद्धा पेशवा बाजीराव प्रथम, उनकी पत्नी काशीबाई और मस्तानी के बीच के प्रेम, त्याग और संघर्ष की कहानी कहती है। रणवीर सिंह ने बाजीराव के किरदार में जिस जुनून और ऊर्जा को पर्दे पर उतारा, उसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। उनके अभिनय को आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे शक्तिशाली परफॉर्मेंस में गिना जाता है। वहीं मस्तानी के रूप में दीपिका पादुकोण ने साहस, आत्मसम्मान और प्रेम का ऐसा संतुलन दिखाया, जो दर्शकों के दिल में बस गया। काशीबाई के किरदार में प्रियंका चोपड़ा ने दर्द, गरिमा और संयम के साथ एक यादगार छाप छोड़ी।

बाजीराव मस्तानी का गाना

‘बाजीराव मस्तानी’ सिर्फ अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भव्य विजुअल्स और शानदार म्यूजिक के लिए भी जानी जाती है। भंसाली द्वारा रचा गया संगीत फिल्म की आत्मा बन गया। ‘दीवानी मस्तानी’, ‘पिंगा’, ‘मल्हारी’ और ‘मोहे रंग दो लाल’ जैसे गाने आज भी उतनी ही शिद्दत से सुने जाते हैं। खासतौर पर ‘दीवानी मस्तानी’ को हिंदी सिनेमा के सबसे भव्य गीतों में गिना जाता है, जिसकी शूटिंग और कोरियोग्राफी आज भी चर्चा में रहती है।

बाजीराव मस्तानी का शानदार प्रदर्शन

2015 में फिल्म की रिलीज के समय इसकी टक्कर शाहरुख खान और काजोल की ‘दिलवाले’ से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद ‘बाजीराव मस्तानी’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और समीक्षकों की भी खूब सराहना बटोरी। फिल्म ने कई बड़े अवॉर्ड अपने नाम किए, जिनमें नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड शामिल हैं।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में बनाए खास जगह

दस साल बाद भी ‘बाजीराव मस्तानी’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमाई अनुभव बन चुकी है। यह फिल्म आज भी नए दर्शकों को प्रभावित करती है और फिल्ममेकर्स के लिए भव्यता, भावनाओं और कहानी कहने की कला का एक बेहतरीन उदाहरण बनी हुई है। यही वजह है कि संजय लीला भंसाली की यह कृति भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा खास जगह बनाए रखेगी।

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