रानी मुखर्जी को आवाज, कद और रंग की वजह से झेलना पड़ा था रिजेक्शन 
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आवाज, कद और रंग की वजह से रिजेक्शन झेल चुकी रानी मुखर्जी ने कैसे बनाई अलग पहचान

Rani Mukerji Birthday Special: रानी मुखर्जी बॉलीवुड की दिग्गज कलाकार हैं, लेकिन एक समय उन्हें रंग, कद और आवाज की वजह से रिजेक्शन झेलना पड़ा था, कड़ी चुनौतियों के बाद उन्हें अपनी पहचान मिली है।

अनिल सिंह

Rani Mukerji Birthday Special: रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को हुआ था। वह अपना 47 वां जन्मदिन मना रही हैं। रानी मुखर्जी की फिल्मों को उनके प्रशंसक काफी पसंद करते हैं और वह इस समय बॉलीवुड की जानी पहचानी एक्ट्रेस हैं, लेकिन करियर की शुरुआती दौर में उन्हें रंग, कद और आवाज की वजह से ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया जाता था। आइए जानते हैं फिर रानी मुखर्जी ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान कैसे बनाई।

रानी मुखर्जी ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत बंगाली फिल्म 'बियेर फूल' से की थी जिसे राम मुखर्जी ने निर्देशित किया था, जबकि बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म 'राजा की आएगी बारात थी' और इस फिल्म में उन्होंने सशक्त महिला का किरदार निभाया था उसके बाद रानी मुखर्जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इससे पहले वो रिजेक्शन झेल चुकी थी। इसके बाद वह एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्में करती चली गई। रानी मुखर्जी अपने पर्सनल लाइफ को लेकर ज्यादा बात नहीं करती है। लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में बात करें तो साल 2014 में उन्होंने यशराज फिल्म्स के मालिक आदित्य चोपड़ा से शादी की। रानी मुखर्जी को एक बेटी भी है।

बहुत कम ही लोग जानते हैं कि गुलाम जैसी फिल्म में रानी मुखर्जी की आवाज किसी और ने दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी आवाज में ही काम करने का निर्णय लिया और धीरे-धीरे लोग उनकी आवाज को भी पसंद करने लगे। रानी मुखर्जी की सफल फिल्मों की अगर बात करें तो उसमें 'हम तुम', 'बंटी बबली', 'वीर जारा', 'चोरी चोरी चुपके चुपके' जैसी फिल्मों का नाम शामिल है। करियर की शुरुआत में रिजेक्शन झेलने वाली रानी मुखर्जी के बारे में अब कहा जाता है कि वह अकेले अपने दम पर फिल्म को हिट कर सकती हैं और यही उनकी सफलता की कहानी है।

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