Prabhas Horse Riding: भारतीय सिनेमा की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में शामिल 'बाहुबली: द बिगिनिंग' को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो चुके हैं। निर्देशक एसएस राजामौली की इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, बल्कि भारतीय सिनेमा की भव्यता को भी वैश्विक पहचान दिलाई। इस फिल्म के जरिए प्रभास पैन इंडिया सुपरस्टार के रूप में उभरे और अमरेंद्र बाहुबली व महेंद्र बाहुबली के उनके किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं।
हालांकि, पर्दे पर दिखाई देने वाला यह भव्य किरदार निभाना प्रभास के लिए बिल्कुल आसान नहीं था। इसके पीछे कई सालों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और कड़ी मेहनत छिपी थी। हाल ही में प्रभास ने फिल्म की तैयारी से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब एसएस राजामौली ने उन्हें घर पर घोड़ा पालने तक की सलाह दे दी थी।
प्रभास ने बताया कि 'बाहुबली' की तैयारी के दौरान उन्हें नियमित रूप से हॉर्स राइडिंग सीखनी थी, लेकिन कई बार वह ट्रेनिंग सेशन मिस कर देते थे और मौसम का बहाना बना देते थे। इस पर राजामौली ने उन्हें गंभीरता से अभ्यास करने की सलाह दी। प्रभास ने हंसते हुए कहा कि मैं हॉर्स राइडिंग के सेशन छोड़ देता था और मौसम का बहाना बना देता था। तब राजामौली सर ने कहा कि अगर सच में इस किरदार को निभाना है तो घर पर ही एक घोड़ा रख लो और रोज अभ्यास करो।
'बाहुबली' के लिए प्रभास ने सिर्फ हॉर्स राइडिंग ही नहीं, बल्कि तलवारबाजी, रॉक क्लाइम्बिंग, फिजिकल ट्रेनिंग और एक्शन सीक्वेंस की भी लंबी तैयारी की थी। एसएस राजामौली चाहते थे कि फिल्म का हर दृश्य वास्तविक और प्रभावशाली लगे, इसलिए कलाकारों की ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी समर्पण और मेहनत का नतीजा था कि 'बाहुबली' भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हुई।
प्रभास का अभिनय आज भी उनके करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस माना जाता है। वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रभास के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वह जल्द ही 'फौजी', 'स्पिरिट', 'कल्कि 2898 एडी पार्ट 2' और 'सालार पार्ट 2: शौर्यांग पर्वम' में नजर आएंगे। इन फिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है और उम्मीद की जा रही है कि प्रभास एक बार फिर बड़े पर्दे पर दमदार प्रदर्शन करते दिखाई देंगे।