मीना कुमारी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
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4 साल की उम्र में कमाए थे सिर्फ 25 रुपये, अधूरी मोहब्बत और दर्द ने मीना कुमारी को बना दिया ट्रेजडी क्वीन

Meena Kumari Birth Anniversary: 'ट्रेजडी क्वीन' मीना कुमारी की जन्म जयंती पर जानिए उनकी जिंदगी के अनसुने किस्से। महज 4 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली मीना ने 25 रुपये से करियर शुरू किया।

सोनाली झा

Meena Kumari Birth Anniversary Special Story: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1933 को हुआ था। मीना कुमारी का असली नाम माहजबीं बानो था। अभिनय के साथ-साथ वह एक बेहतरीन शायरा भी थीं। महज चार साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली मीना ने करीब 33 साल के करियर में 90 से अधिक फिल्मों में काम किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मीना कुमारी के जन्म के समय उनके पिता अली बक्स बेटे की उम्मीद कर रहे थे। बेटी होने से निराश होकर उन्होंने नवजात मीना को कुछ समय के लिए अनाथालय में छोड़ दिया था। हालांकि कुछ घंटों बाद उनका मन बदल गया और वह अपनी बेटी को वापस घर ले आए। बाद में यही बेटी भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी अदाकाराओं में गिनी जाने लगी।

25 रुपये से शुरू हुआ अभिनय का सफर

मीना कुमारी को बचपन में फिल्मों में काम करने का कोई शौक नहीं था। वह पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें स्टूडियो ले जाया जाता था। निर्देशक विजय भट्ट ने उन्हें फिल्म 'लेदरफेस' में मौका दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें पहली बार 25 रुपये मेहनताना मिला। इसी फिल्म के दौरान विजय भट्ट ने उनका नाम बदलकर 'बेबी मीना' रख दिया।

बैजू बावरा ने दिलाई नई पहचान

बाल कलाकार के रूप में शुरुआत करने के बाद मीना कुमारी ने कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन उन्हें असली पहचान फिल्म बैजू बावरा से मिली। इसके बाद उन्होंने परिणीता, साहिब बीवी और गुलाम, दिल अपना और प्रीत पराई, काजल और पाकीजा जैसी कई यादगार फिल्मों से अभिनय की नई मिसाल कायम की। उनकी संजीदा अदायगी ने उन्हें ट्रेजडी क्वीन का खिताब दिलाया।

अधूरी मोहब्बत और दर्द भरी जिंदगी

मीना कुमारी की निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। निर्देशक कमाल अमरोही से शादी के बाद उनके रिश्ते में दूरियां आ गईं। वहीं धर्मेंद्र के साथ उनकी नजदीकियों की चर्चाएं भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं। कहा जाता है कि गलतफहमियों ने उनके रिश्तों को प्रभावित किया और वह इमोशनल रूप से टूटती चली गईं। बाद के वर्षों में मीना कुमारी लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझने लगीं। 31 मार्च 1972 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

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