मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत (फोटो- सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

मनोज बाजपेयी की फिल्म को राहत, ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, अब नहीं दर्ज होगी नई FIR

Manoj Bajpayee Apology Statement: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब कोई नई FIR दर्ज नहीं होगी। निर्माताओं ने विवादित शीर्षक और प्रचार सामग्री हटा ली है।

सोनाली झा

Manoj Bajpayee Film Controversy: फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर उठे विवाद पर आखिरकार विराम लग गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अब इस फिल्म को लेकर कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और न ही किसी नई याचिका पर सुनवाई होगी। अदालत के इस फैसले से फिल्म निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है।

पोस्टर रिलीज के बाद फिल्म के शीर्षक को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगाया गया था कि नाम विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करता है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले फिल्ममेकर्स को कड़ी फटकार भी लगाई थी और कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि किसी वर्ग विशेष को नीचा दिखाया जाए।

फिल्म निर्माताओं ने कही ये बात

सुनवाई के दौरान फिल्म निर्माताओं ने अदालत में हलफनामा दायर कर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि यह एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा फिल्म है, जो एक अपराध की जांच पर आधारित है और इसमें किसी भी समुदाय को भ्रष्ट या अपमानजनक रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

मनोज बाजपेयी ने भी दी सफाई

हलफनामे में यह भी बताया गया कि फिल्म का पुराना नाम ‘घूसखोर पंडत’ वापस ले लिया गया है और नया नाम अभी तय नहीं किया गया है। साथ ही, सभी पोस्टर, ट्रेलर और प्रचार सामग्री को भी हटा लिया गया है। कोर्ट के निर्देश के बाद यह कदम तुरंत प्रभाव से उठाया गया। इस विवाद में अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम भी जुड़ा था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई देते हुए कहा था कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना है, किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं।

फिल्म के नए नाम पर बना है सस्पेंस

मनोज बाजपेयी ने दर्शकों से माफी मांगते हुए यह भी आश्वासन दिया था कि शीर्षक में बदलाव किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि फिल्म से जुड़े सभी कानूनी विवादों का पटाक्षेप हो चुका है। हालांकि, फिल्म का नया नाम क्या होगा, इसे लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है। फिल्म इंडस्ट्री में इस फैसले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवेदनशीलता के बीच संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।

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