Mahima Chaudhry Struggle In Career: फिल्म प्रमोशन के दौरान बड़ी टीम के साथ नजर आना आजकल आम बात है, लेकिन अभिनेत्री महिमा चौधरी इस ट्रेंड से अलग हैं। अपनी सादगी और आत्मविश्वास के लिए पहचानी जाने वाली महिमा इन दिनों 19 दिसंबर को रिलीज होने वाली फिल्म ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ के प्रमोशन में जुटी हैं। इस दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलाव, अपने करियर और निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर बात की।
दरअसल, महिमा बताती हैं कि इस फिल्म का ऑफर उन्हें निर्देशक सिद्धांत राज सिंह के मैसेज के जरिए मिला। उन्होंने कहा कि निर्देशक ने पहले ‘जुग जुग जियो’ में असिस्ट किया था और अब बतौर निर्देशक यह फिल्म बना रहे हैं। महिमा को फिल्म का टाइटल सुनते ही पसंद आ गया। बनारस के एक साधारण परिवार की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी उन्हें अलग लगी।
महिमा मानती हैं कि आज इंडस्ट्री पहले जैसी नहीं रही, जहां कलाकारों को सिर्फ खूबसूरत दिखने तक सीमित रखा जाता था। अब दर्शक कलाकारों को नए और अलग रोल में देखने के लिए तैयार हैं, इसी वजह से फिल्ममेकर्स भी नए प्रयोग कर पा रहे हैं।
अपने करियर को याद करते हुए महिमा कहती हैं कि ‘परदेस’ जैसी मजबूत शुरुआत के बाद उन्हें ‘लज्जा’, ‘धड़कन’ और ‘दाग’ जैसी फिल्मों में दमदार किरदार मिले। उनका मानना है कि जब शुरुआत में ही स्ट्रॉन्ग रोल मिल जाए, तो आगे का रास्ता अपने आप बनता है।
हालांकि, वह यह भी स्वीकार करती हैं कि अभिनेत्रियों को अक्सर अपनी जगह खुद बनानी पड़ती है। कई बार क्रिएटिव होने के बावजूद उनके बारे में सोचा नहीं जाता। यही वजह है कि महिमा के मन में प्रोडक्शन और निर्देशन का विचार भी आता रहा है, लेकिन जिंदगी की जिम्मेदारियां उन्हें उस दिशा में पूरी तरह बढ़ने से रोक देती हैं।
इंटरव्यू के दौरान महिमा के साथ उनकी बेटी एरियाना भी मौजूद थीं। महिमा चाहती हैं कि अगर भविष्य में एरियाना फिल्मों में काम करना चाहे, तो उसे कैमरा, लाइट और सेट का अनुभव पहले से हो। पैपराजी के सामने आने को लेकर महिमा एक भारतीय मां की तरह चिंतित भी रहती हैं, लेकिन मानती हैं कि इस माहौल के साथ सहज होना जरूरी है। महिमा चौधरी का मानना है कि आज का सिनेमा विविधता को अपनाने के लिए तैयार है और यही बदलाव कलाकारों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है।