कंगना रनौत (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
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सीजेपी के प्रदर्शन पर कंगना रनौत का बड़ा दावा, बोलीं- 'हमें लगा प्रदर्शनकारी हमला कर देंगे'

Kangana Ranaut CJP Protest: एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारियों पर अपना रिएक्शन दिया है। उन्होंने भीड़ के रवैये को डरावना बताते हुए पुलिस की तारीफ की।

यति सिंह

Kangana Ranaut Reaction: देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में संसद मार्ग पर बने हालात ने सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था।

जब यह बड़ा प्रदर्शनकारी का दल जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ बढ़ा तो वहां मौजूद कई जनप्रतिनिधियों की परेशानियां अचानक बढ़ गईं। इस पूरे घटनाक्रम पर मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और फेमस एक्ट्रेस कंगना रनौत का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

संसद की तरफ बढ़ती भीड़ से सहम गए थे लोग

सांसद कंगना रनौत ने विरोध प्रदर्शन के दौरान उपजे माहौल को बेहद तनावपूर्ण बताया। उनका कहना था कि जिस समय उग्र भीड़ तेजी से संसद परिसर की ओर आ रही थी, उस वक्त वहां मौजूद सांसद और अन्य लोग काफी घबरा गए थे।

दृश्य इतना भयावह लग रहा था मानो प्रदर्शनकारी सीधे हमला करने के इरादे से आगे बढ़ रहे हों। किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए ऐसा माहौल चिंता पैदा करने वाला होता है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा की और इसे एक लोकतांत्रिक विरोध के बजाय हुड़दंग करार दिया।

दिल्ली पुलिस के संयम और व्यवस्था की खुलकर सराहना

तनावपूर्ण माहौल के बीच दिल्ली पुलिस के रोल को लेकर कंगना रनौत ने राहत व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस समय रहते मुस्तैदी नहीं दिखाती तो स्थिति हाथ से निकल सकती थी। सुरक्षाबलों ने बेहद संयम और समझदारी का परिचय देते हुए इस बड़े जनसैलाब को काबू किया।

स्थिति के सही समय पर संभाले जाने की वजह से कोई बड़ी अप्रिय घटना होने से टल गई। कंगना ने पुलिस प्रशासन के त्वरित फैसलों और मुस्तैद सुरक्षा घेरे का धन्यवाद अदा किया, जिसकी वजह से परिसर के भीतर मौजूद लोग सुरक्षित महसूस कर पाए।

लोकतांत्रिक मर्यादा और प्रदर्शन के तरीकों पर उठे सवाल

ससद जैसे अति-संवेदनशील इलाके में नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों और  सीजेपी के कार्यकर्ताओं का इस तरह के विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है। एक तरफ जहां छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सांसदों की सुरक्षा और संसदीय गरिमा का सवाल भी खड़ा हो गया है।

कंगना रनौत के बयान ने यह साफ कर दिया है कि विरोध जताने के तरीकों में संयम और कानून का पालन होना बेहद जरूरी है। देश की संसद के आसपास शांति बनाए रखना हर नागरिक और संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

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