CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कंगना रनौत का बड़ा बयान, बोलीं- 'हुड़दंग और उत्पात मचाना ठीक नहीं'

Kangana Ranaut Reaction: दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हो रहे सीजेपी के प्रदर्शन पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए विपक्ष को घेरा है।
Kangana Ranaut On CJP Protest
कंगना रनौत (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Kangana Ranaut On CJP Protest: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिल्ली का सियासी पारा चढ़ गया है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है, जिसे विपक्ष का भी भारी सपोर्ट हासिल है। इस बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है।

कंगना रनौत ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हवाला देते हुए कहा कि संसद का सत्र इसीलिए आयोजित किया जाता है ताकि देश से जुड़े सभी जरूरी और संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर विषय पर जवाबदेही के लिए तैयार रहती है। हम सभी चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और विपक्ष अपने जायज सवाल वहां पटल पर रखे। लेकिन लोकतंत्र के नाम पर सड़कों पर हुड़दंग करना और उत्पात मचाना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। कंगना ने साफ किया कि विरोध का यह आक्रामक तरीका बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद पर तगड़ा पलटवार

प्रदर्शनकारियों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कंगना रनौत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ जिस सरकार को चुना है, वह शासन कैसे चलाएगी और किसे अपनी कैबिनेट में रखेगी, यह पूरी तरह से सरकार का विशेषाधिकार है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष या प्रदर्शनकारी इस बात का फैसला नहीं कर सकते कि किसे पद पर बनाए रखना है और किसे हटाना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर विपक्ष को इतनी ही उत्सुकता है, तो वे भी चुनाव मैदान में मजबूती से खड़े हों। इस तरह से किसी चुनी हुई सरकार पर दबाव बनाना सरासर गलत है।

डीएमके के बदलते सियासी स्टैंड पर कंगना की भविष्यवाणी

कंगना ने विपक्ष के गठबंधन पर दावा किया कि डीएमके का स्टैंड अभी साफ नहीं है कि वे इंडिया गठबंधन के साथ पूरी तरह हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि समय के साथ ये सभी दल अंततः भारतीय जनता पार्टी और सनातन संस्कृति की शरण में ही आएंगे।

कंगना रनौत के अनुसार सनातन हमारी अपनी मूल संस्कृति है, जबकि बाकी अन्य विचारधाराएं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से उधार ली गई हैं। इसलिए सबको अंत में अपनी जड़ों की तरफ ही लौटना होगा।

जंतर-मंतर पर क्यों तैनात करने पड़े सैकड़ों जवान

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब स्वरा भास्कर, शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे फिल्मी जगत के बड़े चेहरे भी इस आंदोलन के सपोर्ट में उतर आए। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की और अपनी कुछ शर्तें उनके सामने रखीं।

इस बीच, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की, तो सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 500 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती करनी पड़ी, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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