गजब रात रिव्यू (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मनोरंजन

Gajab Raat Review: एक रात में खुलते हैं कई राज, मनोज बाजपेयी की एक्टिंग ने जीता दिल, जानें फिल्म की 5 बातें

Gajab Raat OTT Release: गजब रात एक सस्पेंस थ्रिलर है, जिसमें मनोज बाजपेयी ने दमदार अभिनय किया है। भ्रष्टाचार और रहस्यों से भरी कहानी दर्शकों को बांधे रखती है। फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार मिले हैं।

सोनाली झा

Highlights

  • 'गजब रात' एक रात में घटने वाली मिस्ट्री थ्रिलर है, जिसमें कई काले राज सामने आते हैं।

  • मनोज बाजपेयी ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय निर्वित के किरदार में दमदार अभिनय किया है।

  • घायल युवती का मामला और सीबीआई अधिकारी की एंट्री कहानी को दिलचस्प बनाती है।

Manoj Bajpayee Film Gajab Raat Review: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गजब रात’ एक ऐसी मिस्ट्री थ्रिलर है, जो एक रात में घटने वाली घटनाओं के जरिए भ्रष्ट व्यवस्था, साजिश और इंसानी फितरत की परतें खोलती है। रितेश शाह के निर्देशन और नीरज पांडे के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म शुरुआत से ही दर्शकों को रहस्य की दुनिया में ले जाती है। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं।

फिल्म की कहानी दिल्ली की एक रात से शुरू होती है। एक होटल में छापेमारी के बाद भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय निर्वित यानी मनोज बाजपेयी को एक घायल युवती का मामला सौंपा जाता है। युवती चलती कार से गिर जाती है और उसकी हालत गंभीर है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ने लगता है।

फिल्म की कहानी

मामला तब और पेचीदा हो जाता है, जब नवीन मधोक यानी अक्षय ओबेरॉय खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर जांच अपने हाथ में लेने पहुंचता है। वह घायल महिला को रूसी नागरिक नतालिया वाडोगोवा बताता है और उसे एक ड्रग लॉर्ड से जुड़ा होने का दावा करता है। इसके बाद अजय के सामने कई सवाल खड़े होते हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले राज कहानी को लगातार रोमांचक बनाते हैं।

निर्देशन और स्क्रीनप्ले कैसा है

रितेश शाह ने फिल्म में सस्पेंस और डार्क ह्यूमर का अच्छा संतुलन बनाने की कोशिश की है। कहानी में सरकारी तंत्र की खींचतान, अधिकारियों के स्वार्थ और भ्रष्टाचार को दिखाया गया है। स्क्रीनप्ले की खासियत है कि जानकारी धीरे-धीरे सामने आती है और हर नया घटनाक्रम किरदारों को लेकर दर्शकों की सोच बदलता है। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा रात में फिल्माया गया है, लेकिन विजुअल्स साफ नजर आते हैं। सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग कहानी के रहस्य को बढ़ाते हैं।

मनोज बाजपेयी की एक्टिंग ने जीता दिल

मनोज बाजपेयी ने अजय निर्वित के किरदार को बारीकी से निभाया है। उनके अभिनय में चालाकी, भ्रष्टाचार और संवेदनशीलता के अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं। नुसरत भरूचा रोजी के किरदार में सहज लगती हैं और उनके संवाद फिल्म में हल्के-फुल्के पल जोड़ते हैं। दिव्या दत्ता, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय समेत बाकी कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है।

गजब रात की देखें या नहीं

'गजब रात' एक ऐसी थ्रिलर है, जो किसी बड़ी साजिश के बजाय संदिग्ध किरदारों और उनके छिपे राज के सहारे आगे बढ़ती है। इसकी कहानी, निर्देशन और मनोज बाजपेयी का अभिनय इसे देखने लायक बनाते हैं। कुछ मोड़ भले ही नए न लगें, लेकिन फिल्म का सस्पेंस और मनोरंजक अंदाज इसे संभाल लेता है। थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शक इसे मौका दे सकते हैं। फिल्म को हम 3.5 रोटिंग देते हैं।

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