दीपिका चिखलिया (फोटो-सोशल मीडिया)  
मनोरंजन

Dipika Chikhlia Struggle: फ्लॉप फिल्मों से निराश होकर बदला रास्ता, रामायण ने बनाया दीपिका चिखलिया को स्टार

Dipika Chikhlia ने 18 साल की उम्र में बी-ग्रेड फिल्मों से करियर शुरू किया, लेकिन रामायण में सीता का किरदार निभाकर रातोंरात स्टार बन गईं। उनकी सफलता के साथ ‘सीता’ की इमेज ने उन्हें पहचान भी दी।

सोनाली झा

Dipika Chikhlia Birthday Special Story: टीवी की दुनिया में ‘माता सीता’ के रूप में पहचान बनाने वाली दीपिका चिखलिया 29 अप्रैल को अपना 61वां जन्मदिन मना रही हैं। उनका सफर जितना शानदार रहा, उतना ही संघर्षों से भरा भी रहा है। आज भले ही उन्हें रामायण की सीता के रूप में याद किया जाता है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।

दीपिका चिखलिया ने महज 18 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआती दिनों में दीपिका चिखलिया ने फिल्मों और टीवी में काम करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। लगातार फ्लॉप फिल्मों और काम की कमी के चलते दीपिका चिखलिया के सामने करियर बचाने की चुनौती खड़ी हो गई थी।

बी-ग्रेड फिल्मों की ओर रुख

काम की कमी के कारण दीपिका चिखलिया को मजबूर होकर बी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा। उस दौर में यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, इस वजह से उन्हें काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा और इंडस्ट्री में उनकी इमेज प्रभावित हुई।

रामायण से बदली किस्मत

करीब 20-21 साल की उम्र में दीपिका चिखलिया ने रामानंद सागर के शो रामायण के लिए ऑडिशन दिया। उनकी सादगी, अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस से प्रभावित होकर उन्हें ‘सीता’ का रोल मिल गया। इस किरदार ने उनकी जिंदगी बदल दी। शो की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी ‘माता सीता’ मानने लगे।

इमेज बनी चुनौती

‘सीता’ की इमेज ने जहां दीपिका चिखलिया को अपार प्रसिद्धि दिलाई, वहीं यह उनके लिए एक चुनौती भी बन गई। रामायण के बाद जब उन्होंने अलग तरह के किरदार निभाने की कोशिश की, तो दर्शकों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। यहां तक कि एक फिल्म में आतंकवादी की पत्नी का रोल करने पर उन्हें आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

आज भी कायम है वही पहचान

आज भी दीपिका चिखलिया को लोग ‘सीता’ के रूप में ही देखते हैं। सोशल मीडिया पर उनके हर पोस्ट पर फैंस उसी छवि से उन्हें जोड़ते हैं, जिससे कभी-कभी उन्हें ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, उनका यह सफर प्रेरणादायक है, जो दिखाता है कि संघर्ष और सही मौके के साथ किस्मत कैसे बदल सकती है।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी