बीएएसएफ का 'वाह रे किसान' अभियान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

बीएएसएफ का 'वाह रे किसान' अभियान: असाधारण किसानों के योगदान को समर्पित एक पहल, अन्नू कपूर ने किया होस्ट

बीएएसएफ का 'वाह रे किसान' अभियान भारत के उन असाधारण किसानों को समर्पित है, जो खेती के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। वहीं इस अभियान को मशहूर फिल्म और टेलीविजन अभिनेता अन्नू कपूर द्वारा होस्ट किया जा रहा है।

स्नेहा मौर्या

 मुंबई: बीएएसएफ का 'वाह रे किसान' अभियान भारत के उन असाधारण किसानों को समर्पित है, जो खेती के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। यह अभियान 'सैल्यूट टू फार्मर्स' का हिंदी संस्करण है और 'बिगेस्ट जॉब ऑन अर्थ' पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय किसानों के योगदान को उजागर करना और उनके अभिनव प्रयासों की सराहना करना है। इस अभियान को मशहूर फिल्म और टेलीविजन अभिनेता अन्नू कपूर द्वारा होस्ट किया जा रहा है, जो इसे एक अनोखे इंफोटेनमेंट शो के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

इस कैम्पेन में 5 किसानों की प्रेरक कहानियाँ बताई जा रही हैं कि कैसे वे अपने समुदायों और भारत के खेती के परिदृश्य को बदलने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

मुंबई, 3 फरवरी, 2025 : बीएएसएफ ने अपने ‘वाह रे किसान' अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान ‘बिगेस्ट जॉब ऑन अर्थ’ पहल का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भारतीय किसानों के योगदान को उजागर करना है। इसके तहत, पांच ऐसे किसानों की कहानियों को प्रस्तुत किया गया है, जो अपने समुदायों और भारत की कृषि पद्धति में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।

शो का अनूठा प्रारूप और डिजिटल प्रसारण

'वाह रे किसान' एक डिजिटल श्रृंखला है, जिसे विशेष रूप से बीएएसएफ के यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर प्रसारित किया जा रहा है। यह एक नई तरह का इंफोटेनमेंट शो है, जो किसानों की सच्ची कहानियों को मनोरंजन के साथ जोड़ता है। इस अभियान की शुरुआत से पहले, एक महीने तक सोशल मीडिया पर किसानों को प्रेरित करने और उनकी कहानियों को एकत्रित करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया।

5 असाधारण किसानों की कहानियां

  • महाराष्ट्र के श्री तुषार गवारे ने एक ऐसा सोलर ड्रायर विकसित किया है, जो कटाई के बाद किसानों को नुकसान से बचाने में मदद करता है।
  • यह एक कम लागत वाला नवाचार है, जो किसानों को उनकी उपज को सुरक्षित रखने और अधिक मुनाफा कमाने में सहायता करता है।
  • कर्नाटक के श्री मंजन्ना टी.के. ने न केवल अपनी कृषि भूमि को उन्नत किया, बल्कि पूरे गाँव को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया।
  • असम के श्री महान चंद्र बोरा ने एक ऐसी लाइब्रेरी स्थापित की, जो भारत की पारंपरिक चावल की किस्मों को संरक्षित करने और उन्हें पुनर्जीवित करने का काम कर रही है।
  • पंजाब के श्री सरवन सिंह चंडी ने पारंपरिक कृषि प्रणालियों में विविधीकरण कर पानी की कमी से निपटने का एक अभिनव तरीका अपनाया है।
  • हिमाचल प्रदेश के श्री हरिमन शर्मा ने कम ठंडे क्षेत्रों में उगने योग्य सेब की एक नई किस्म विकसित कर कृषि में क्रांति ला दी है।

कृषि क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास बीएएसएफ के एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस के अध्यक्ष लिवियो टेडेस्की ने कहा कि यह पहल न केवल इन असाधारण किसानों को पहचान दिलाएगी, बल्कि अन्य किसानों को भी नवीनतम तकनीकों और संवहनीय कृषि समाधानों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

बीएएसएफ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस, इंडिया के बिजनेस डायरेक्टर गिरिधर रानुवा ने बताया कि 'वाह रे किसान' अब तक सोशल मीडिया पर 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच चुका है। यह दर्शाता है कि यह पहल किसानों की कठिनाइयों और उनकी उपलब्धियों को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाने में सफल रही है।

'वाह रे किसान' के भविष्य की योजना

वर्ष 2025 में बीएएसएफ 'वाह रे किसान' के दूसरे सीज़न को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें नए किसानों की और भी प्रेरक कहानियाँ दिखाई जाएँगी। यह पहल भारतीय कृषि समुदाय को सशक्त बनाने और अधिक किसानों को आधुनिक, संवहनीय और लाभदायक कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बीएएसएफ के कृषि समाधान विभाग के बारे में

बीएएसएफ खेती के क्षेत्र में स्थिरता और नवाचार को प्राथमिकता देता है। कंपनी ने 2023 में 900 करोड़ यूरो की पूंजी निवेश कर अपनी R&D (अनुसंधान और विकास) गतिविधियों को मजबूत किया है। यह किसानों के लिए नए और प्रभावी समाधानों पर काम कर रहा है, जिसमें उन्नत बीज, फसल सुरक्षा उत्पाद, डिजिटल कृषि उपकरण और सतत कृषि दृष्टिकोण शामिल हैं।

भारत में बीएएसएफ की उपस्थिति

भारत में बीएएसएफ ने पिछले 130 वर्षों से अधिक समय से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। 2023 के अंत तक, भारत में BASF के 2,335 कर्मचारी, 8 उत्पादन स्थल और 42 कार्यालय थे। कंपनी का इनोवेशन कैंपस मुंबई और कोटिंग्स टेक्निकल सेंटर मैंगलोर, वैश्विक तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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