अमीषा पटेल (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया) 
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‘गदर’ की शूटिंग के दौरान घबरा जाती थीं अमीषा पटेल, सनी देओल ने सीन समझाकर एक टेक में कराया शॉट पूरा

Gadar Shooting Story: अमीषा पटेल ने खुलासा किया कि ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की शूटिंग के दौरान इमोशनल सीन में उन्हें काफी मुश्किल होती थी। ऐसे समय में सनी देओल ने उन्हें सीन समझाए और आत्मविश्वास बढ़ाया।

सोनाली झा

Ameesha Patel On Gadar Shooting Story: साल 2001 में रिलीज हुई ‘गदर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाती है। सनी देओल और अमीषा पटेल की जोड़ी ने फिल्म में तारा सिंह और सकीना के किरदारों को इस तरह निभाया कि आज भी दर्शक उन्हें याद करते हैं। हाल ही में अभिनेत्री अमीषा पटेल ने रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ में फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया।

अमीषा पटेल ने बताया कि शुरुआती दिनों में वह कैमरे के सामने काफी घबरा जाती थीं और ऐसे समय में सनी देओल ने उनका पूरा साथ दिया। जब वह ‘गदर’ की शूटिंग कर रही थीं, उसी दौरान वह अपनी डेब्यू फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ की शूटिंग भी कर रही थीं। दो अलग-अलग किरदारों और फिल्मों के बीच संतुलन बनाना उनके लिए आसान नहीं था।

दो बड़ी फिल्मों की शूटिंग ने बढ़ाया था दबाव

अमीषा पटेल ने बताया कि मैं इंडस्ट्री में बिल्कुल नई थी। ‘गदर’ जैसा बड़ा प्रोजेक्ट और साथ ही ‘कहो ना प्यार है’ की शूटिंग मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण समय था। दोनों फिल्मों के किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, इसलिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करना मुश्किल हो जाता था।

इमोशनल सीन में सनी देओल बने सबसे बड़े सहारा

अमीषा ने बताया कि फिल्म में सकीना का किरदार काफी इमोशनल था। कई बार वह इमोशनल सीन्स में सही एक्सप्रेशन नहीं दे पाती थीं, जिसके कारण निर्देशक अनिल शर्मा को कई रीटेक लेने पड़ते थे। इससे सेट पर दबाव का माहौल बन जाता था। ऐसे समय में सनी देओल ने मेरी सबसे ज्यादा मदद की। कई बार वह निर्देशक से कहते थे कि उन्हें कुछ देर के लिए सीन समझाने का मौका दिया जाए।

सनी देओल ने निभाई निर्देशक जैसी भूमिका

अमीषा के मुताबिक, कई मौकों पर सनी देओल निर्देशक की तरह उन्हें गाइड करते थे। उनके समझाने के बाद वही सीन, जिसे पहले कई बार शूट करना पड़ता था, एक ही टेक में पूरा हो जाता था। उन्होंने कहा कि सनी सर ने सिर्फ को-स्टार की तरह नहीं, बल्कि एक मेंटर की तरह मेरा साथ दिया। उनकी वजह से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और मैं बेहतर परफॉर्म कर पाई। उस दौर में उनकी मदद मेरे लिए बहुत मायने रखती थी। ‘गदर’ की रिलीज के 24 साल बाद भी फिल्म से जुड़े ऐसे किस्से दर्शकों के बीच उतने ही दिलचस्प बने हुए हैं।

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