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तेलुगु समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी, 29 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगी कस्तूरी शंकर

कस्तूरी शंकर को 29 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने तेलुगू समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, आइए जानते हैं ऐक्ट्रेस ने तेलुगु समुदाय के लिए क्या कहा जिस पर गुस्सा फैल गया।

अनिल सिंह

मुंबई: साउथ की एक्ट्रेस कस्तूरी शंकर को 29 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एक्ट्रेस पर आरोप है कि उन्होंने तेलुगु समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान यह कहा था कि तेलुगू लोग प्राचीन काल में राजाओं की सेवा करने वाली नर्तकियों के वंशज हैं। उनके इस बयान के बाद तेलुगु समुदाय में गुस्सा फैल गया। जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत की गई और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया।

अभिनेत्री कस्तूरी को चेन्नई पुलिस की विशेष टीम ने शनिवार को तेलुगु भाषी समुदाय के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसे 29 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अभिनेत्री कस्तूरी शंकर को चिंताद्रिपेट पुलिस स्टेशन लाया गया और अधिकारियों ने उनसे एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। बाद में कस्तूरी को 5वें मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट जस्टिस रेगुपति के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने कस्तूरी को 29 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

कोर्ट जाते समय कस्तूरी को "न्याय की जीत" के नारे लगाते हुए सुना गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी रिमांड राजनीति से प्रेरित है। कोर्ट से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा, "यह अपेक्षित था। यह राजनीतिक प्रतिशोध है"।

कस्तूरी को ग्रेटर चेन्नई के अंतर्गत आने वाले एग्मोर एफ2 में पुझल स्थित महिलाओं के लिए केंद्रीय कारागार में भेजा गया है। पुलिस ने 3 नवंबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में तेलुगु भाषी समुदाय पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए अभिनेत्री के खिलाफ 4 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

यह कदम डॉ. सीएमके रेड्डी की अध्यक्षता वाले अखिल भारतीय तेलुगु महासंघ द्वारा 5 नवंबर को दी गई शिकायत के बाद उठाया गया। कस्तूरी ने यह कहते हुए जमानत की अपील भी की कि वह सिंगल पेरेंट हैं, लेकिन जज ने उनकी जमानत खारिज कर दी।

इस पूरे मामले पर विवाद बढ़ता देख कस्तूरी ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया था और यह कहा कि उनके शब्दों को गलत समझ गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपने बयान में कहा कि उनका इरादा तेलुगु समुदाय का अपमान करने का नहीं था। किसी को अनजाने में ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं। लेकिन उनका यह माफीनामा आने में काफी देर हो चुकी थी।

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