Bengal Assembly Elections Result: भारी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल में मतगणना शुरू हो गई है। बंगाल में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है।
बंगाल में जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी अपनी हैट्रिक के बाद सत्ता बचाने की कोशिश में है, वहीं भाजपा बंगाल में 'परिवर्तन' के नारे के साथ पूरी ताकत झोंक चुकी है। शुरुआती रुझानों के आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों और काउंटिंग सेंटर्स पर विशेष नजर रखी है। मतगणना केंद्रों के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण शांति बनी हुई है।
क्या 'खेला' एक बार फिर ममता बनर्जी के पक्ष में जाएगा या इस बार बंगाल की जनता किसी नए चेहरे को 'किंग' की कुर्सी पर बिठाएगी? यह सवाल न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। अगले कुछ घंटों में यह साफ हो जाएगा कि बंगाल का ताज किसके सिर सजेगा और आने वाले पांच साल के लिए राज्य की बागडोर किसके हाथ में होगी।
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बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि राज्य में उनकी पार्टी सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था सुधारी जाएगी और विकास, सुरक्षा तथा हिंदुत्व का नया अध्याय शुरू हो जाएगा। शुवेंदु के अनुसार तकरीबन 2500 पैरामिलिट्री कंपनियां अगले दो महीनों तक राज्य में सुरक्षा के मद्द्नजर मौजूद रहेंगी। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है। पार्टी का कहना है कि टीएमसी चौथी बार सरकार बनाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर पूर्वी मिदनापुर एसपी अंगशुमन साहा ने कहा, “तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले स्तर की सुरक्षा की जा रही है और प्राप्त डाक मतपत्रों को सुरक्षित रखा गया है। परिसर के अंदर, मतगणना हॉल के अंदर और बाहर दोनों जगह सीएपीएफ के जवान तैनात हैं। मतगणना हॉल के बाहर क्यूआर कोड स्कैनर लगाए गए हैं और स्कैन करने के बाद ही प्रत्येक व्यक्ति को प्रवेश दिया जा रहा है। मुख्य द्वार पर जिला सशस्त्र पुलिस तैनात है। हम डीएफएमडी और एचएचएमडी का उपयोग करके जांच कर रहे हैं। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। बाहर, सीएपीएफ के जवान क्यूआरटी ड्यूटी पर हैं और जिला पुलिस भी मौजूद है। हमने अनुरोध किया है कि असुविधा से बचने के लिए अंदर ज्यादा लोग इकट्ठा न हों। सभी अधिकृत व्यक्ति और एजेंट पहले ही पहुंच चुके हैं और उचित जांच के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया है।”