विजय को रोकने के लिए साथ आएंगे धुर विरोधी DMK और AIADMK, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विधानसभा चुनाव 2026

तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर! विजय को रोकने के लिए साथ आएंगे DMK और AIADMK? राजभवन में फंसा बहुमत का पेंच

DMK AIADMK Alliance: तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच बड़ा मोड़ आया है। बहुमत के लिए 118 विधायकों की मांग के बाद विजय ने समय मांगा है, वहीं धुर-विरोधी DMK और AIADMK के गठबंधन की अटकलें तेज हैं।

अमन उपाध्याय

Tamil Nadu DMK AIADMK Alliance News In Hindi: तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार, 6 मई को तब हलचल मच गई जब धुर विरोधी पार्टियां DMK और AIADMK के एक साथ आने की चर्चा शुरू हुई। माना जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने थलपति विजय और उनकी नई पार्टी 'तमिझगा वेत्री कड़गम' (TVK) की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने के लिए ये दोनों पुराने दुश्मन गठबंधन कर सकते हैं।

क्या है बहुमत का गणित?

नई सरकार के गठन को लेकर जारी गहमागहमी के बीच, TVK प्रमुख विजय ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। विजय ने राज्यपाल को 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, जिसमें उनकी अपनी पार्टी और सहयोगियों के विधायक शामिल हैं। हालांकि, सरकार बनाने की राह में एक बड़ा तकनीकी पेंच फंस गया है। राज्यपाल ने संवैधानिक नियमों का हवाला देते हुए विजय से 118 विधायकों के समर्थन पत्र की मांग की है। इस आंकड़े को साबित करने के लिए फिलहाल विजय ने राजभवन से अतिरिक्त समय की मांग की है।

बहुमत से दूर सबसे बड़ी पार्टी

तमिलनाडु विधानसभा 2026 चुनाव के नतीजों में थलपति विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन किया है। TVK कुल 107 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। लेकिन, 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े को वह अपने दम पर पार नहीं कर सकी। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद भी उनके पास 113 विधायकों का ही साथ है जो बहुमत से अभी भी 5 कम है।

क्या साथ आएंगे DMK और AIADMK?

इसी बीच चुनावी गतिरोध के बीच यह खबर निकलकर आई है कि  नई सरकार के गठन को लेकर DMK और AIADMK जैसी पार्टियां एक मंच पर आ सकती हैं। राज्य की राजनीति में पिछले 50 सालों से ये दोनों दल एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे है लेकिन विजय के रूप में उभरी 'तीसरी शक्ति' को रोकने के लिए यह असंभव लगने वाला गठबंधन अब चर्चा का विषय बन गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि ये दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाती हैं या एक-दूसरे को बाहर से समर्थन देती हैं तो यह तमिलनाडु के इतिहास का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर होगा। वर्तमान में नई सरकार के गठन को लेकर राज्य में तनावपूर्ण और रोमांचक स्थिति बनी हुई है जहां हर पल समीकरण बदल रहे हैं।

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