NDA Seat Sharing: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर सीटों का संग्राम सतह पर आ गया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी आज शाम तक सीट बंटवारे के अंतिम ऐलान का दावा कर रही है, वहीं सहयोगी दल आरएलएम के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट से पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि अभी बातचीत पूरी नहीं हुई है और मीडिया में चल रही खबरें छल और धोखा हैं। इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिहार एनडीए में 'ऑल इज वेल' नहीं है?
उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए लिखा, “इधर-उधर की खबरों पर मत जाइए। वार्ता अभी पूरी नहीं हुई है। इंतजार कीजिए! मीडिया में कैसे खबर चल रही है, मुझको नहीं पता। अगर कोई खबर प्लांट कर रहा है तो यह छल है, धोखा है। आप लोग ऐसे ही सजग रहिए।” उनके इस पोस्ट ने एनडीए के भीतर चल रही खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है और यह साफ संकेत दिया है कि छोटे सहयोगी दल अपनी हिस्सेदारी को लेकर अभी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं।
कुशवाहा के इस बयान से ठीक एक रात पहले, बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पटना में पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा था कि एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया था कि शनिवार को दिल्ली में प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की बैठक होगी और इसके बाद शाम तक दिल्ली या पटना से सीटों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन अब कुशवाहा के इस सार्वजनिक बयान के बाद बीजेपी के दावे पर ही एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है, जिससे गठबंधन की एकता को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
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सूत्रों के हवाले से जो खबरें अब तक सामने आई हैं, उनके मुताबिक एनडीए में बीजेपी और जेडीयू मिलकर 200 से 203 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। बाकी बची 40 से 42 सीटें अन्य सहयोगियों के खाते में जाएंगी। इस फॉर्मूले के तहत चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 26, जीतनराम मांझी के हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को 8 और खुद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को महज 6 सीटें मिलने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि सीटों की इसी संख्या को लेकर कुशवाहा ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।