नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो)  
विधानसभा चुनाव 2026

नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट: 2019 में भाजपा-कांग्रेस के बीच हुई थी कड़ी टक्कर, इस बार कौन बचा पाएगा साख?

महाराष्ट्र में चुनावी माहौल भी गर्म हो रहा है। सियासतदान जनता को रिझाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाने में जुट गए हैं। ऐसे में आज हम नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट के बारे में बात करने वाले हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा के मोहन मते को जीत मिली थी। जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी।

मृणाल पाठक

नागपुर: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान फिलहाल अब तक हुआ नहीं है, लेकिन राज्य में चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी शुरू कर ही है। महाराष्ट्र में चुनावी माहौल भी गर्म हो रहा है। सियासतदान जनता को रिझाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाने में जुट गए हैं। उन्हें केवल अब इंतजार है कि कब चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान करे और वह सियासी समरभूमि में कूद पड़ें।

इस चुनावी जंग में हम विधानसभाओं का क्षेत्रवार विश्लेषण कर रहे हैं। इस फेहरिस्त में आज हम नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट के बारे में बात करने वाले हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा के मोहन मते को जीत मिली थी। जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी। ऐसे में वर्तमान में नागपुर दक्षिण सीट अब भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न गई है। दोनों ही पार्टी लागातार इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

2019 में हुई कड़ी टक्कर

2019 के विधानसभा चुनाव को देखें तो भाजपा ने अपने तत्कालीन विधायक सुधाकर कोहले को हटाकर पूर्व विधायक मोहन मते को चुनावी मैदान में उतारा था। जबकि कांग्रेस ने गिरीश पांडव को अपना उम्मीदवार बनाया था। यह चुनाव काफी दिलचस्प था। पांडव ने मते को कड़ी टक्कर दी थी, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा उम्मीदवार को जहां 84,339 वोट मिले, वहीं पांडव 80,216 वोट मिले थे। भाजपा ने चार हजार वोटों से जात हासिल की थी।

नागपुर दक्षिण का इतिहास

नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट का निर्माण 1978 के परिसीमन में हुआ था। इसी साल यहां विधानसभा चुनाव हुआ था। जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविन्दराव वंजारी ने जीत दर्ज की थी। इस सीट पर अब तक 11 बार विधानसभा के चुनाव हो चुके हैं। जिसमें एक उपचुनाव भी शामिल है। 11 चुनावों में से सात बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि भाजपा को केवल चार बार ही जीत नसीब हुई है।

नागपुर दक्षिण में कब किसे मिला जनादेश

वर्ष उम्मीदवार पार्टी कुल वोट
2019 मोहन गोपालराव मते भाजपा 84339
2014 सुधाकर विट्ठलराव कोहले भाजपा 81224
2009 दीनानाथ देवराव पडोले आईएनसी 69711
2004 गोविंदराव मारोतराव वंजारी कांग्रेस 44551
1999 मोहन गोपालराव मते भाजपा 39374
1995 अशोक रामचन्द्र वादीभस्मे भाजपा 49151
1990 अशोक शंकर धावड़ कांग्रेस 35682
1985 अशोक शंकर धावड़ कांग्रेस 40488
1980 बनवारीलाल भगवानदास पुरोहित कांग्रेस (आई) 31965
1978 गोविंदराव मारोतराव वंजारी कांग्रेस (आई) 45025

कैसे हैं जातीय समीकरण?

2011 की जनगणना की मानें तो विधानसभा में 3,72,455 वोटर्स हैं। जिसमें से 83,095 मतदाता अनुसूचित जाति है। जबकि 20,708 अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखते हैं। वहीं, 5,582 मुस्लिम मतदाता भी शामिल हैं। हालांकि, 2024 में इनकी जनसंख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। नागपुर दक्षिण एक हिन्दू बहुल विधानसभा सीट है, हालांकि, यहां बौद्ध धर्म की जनता भी अच्छी खासी स्थिति में बसी हुई है।

भाजपा-कांग्रेस के लिए आसान नहीं 2024

इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए यह नागपुर दक्षिण सीट एक कठिन चुनावी अखाड़ा बन गई है। नागपुर में पिछले दो साल से लगातार आई बाढ़ ने भाजपा विधायक के प्रति जनता के मन में असंतोष पैदा कर दिया है। हालांकि, कांग्रेस के लिए भी यह सीट आसान नहीं है। वर्तमान में कांग्रेस के पास फिलहाल ऐसा कोई नेता नजर नहीं आ रहा है जो इस चुनाव में मजबूती से इस सीट पर लड़ सके। लेकिन जनता के मन में भाजपा के प्रति असंतोष कांग्रेस को फायदा पहुंचा सकता है।

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