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विधानसभा चुनाव 2026

जत विधानसभा सीट: कांग्रेस के 15 साल के वनवास को विक्रमसिंह ने किया था खत्म, क्या इस भी बने रहेंगे सावंत?

जत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सांगली जिले में स्थित है। यह सीट सांगली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। जत विधानसभा में 2019 के आंकड़ों के मुताबिक कुल 2 लाख 72 हजार 345 मतदाता है।

आकाश मसने

सांगली: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 29 अब्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि है। सभी पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा करना भी शुरू कर दिया है। जिन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है, वहां प्रत्याशी अपने चुनावी अभियान में जुट गए है। लेकिन जहां उम्मीदवारों की घोषणा अब तक नहीं हुई है। वहां जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं इच्छुक प्रत्याशियों के दिल की धड़कने तेज हो रही है।

इस चुनावी माहौल में हम भी आप तक हर विधानसभा सीट का गुणा-गणित समझाने के लिए हर सीट का विश्लेषण लेकर आ रहे है। विश्लेषण की इस कड़ी में आज बात करेंगे सांगली जिले की जत विधानसभा सीट की। इस सीट पर 2019 में कांग्रेस के विक्रम सिंह बालासाहेब सावंत ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने इस बार भी विक्रम सिंह सावंत को ही अपना प्रत्याशी बनाया है।

जत विधानसभा सीट का जातीय समीकरण

जत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सांगली जिले में स्थित है। यह सीट सांगली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। जत विधानसभा में 2019 के आंकड़ों के मुताबिक कुल 2 लाख 72 हजार 345 मतदाता है। जिसमें से अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या लगभग 33,686 है जो 12.47 फीसदी है। साथ ही 1.22 फीसदी आदिवासी मतदाता है। वहीं 6 फीसदी के लगभग मुस्लिम मतदाता है।

जत विधानसभा सीट पर अब तक के विधायक

  • 2019: विक्रमसिंह बालासाहेब सावंत, कांग्रेस
  • 2014: विलासराव नारायण जगताप, भारतीय जनता पार्टी
  • 2009: प्रकाश शिवाजीराव शेंडगे, भारतीय जनता पार्टी
  • 2004: सुरेश खाड़े, भारतीय जनता पार्टी
  • 1999: सनमदिकर उमाजी धनपा, कांग्रेस
  • 1995: मधुकर शंकर कांबले, निर्दलीय
  • 1990: सनमदिकर उमाजी धनपा, निर्दलीय
  • 1985: सनमदिकर उमाजी धनपा, कांग्रेस
  • 1980: जयंत ईश्वर सोहनी, कांग्रेस
  • 1978: जयंत ईश्वर सोहनी, कांग्रेस

जत विधानसभा सीट का इतिहास

जत विधानसभा सीट पर 1978 से 1985 तक कांग्रेस का ने चुनाव जीता। इसके बाद दो बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने यहां से चुनाव में विजय प्राप्त की। 2004 में सुरेश खाड़े ने जत विधानसा सीट पर पहली बार कमल खिलाया। वहीं 2009 में प्रकाश शिवाजीराव शेंडगे तो 2014 विलासराव नारायण जगताप ने भाजपा के टिकट पर यहां से चुनाव में जीत दर्ज की। लेकिन 15 साल बाद 2019 में विक्रमसिंह सावंत ने जत विधानसभा सीट पर कांग्रेस की वापसी कराई।

2024 में क्या होगा राजनीतिक समीकरण?

जत विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण होने वाली है। 15 साल बाद यहां वापसी करने वाली कांग्रेस इस भी यहां से जीत दर्ज करना चाहेगी। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक विक्रमसिंह सावंत को एक बाद फिर से मैदान में उतारा है। वहीं सत्तारूढ़ महायुति ने अब तक यहां से अपने उम्मीदवार की घोषण नहीं की है। माना जा रहा है कि पिछले प्रदर्शन को देखते हुए यह सीट से बीजेपी अपना उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसे में यहां कांग्रेस बनाम बीजेपी का कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

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