CP Mathew Kerala Congress Viral Video: केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सी.पी. मैथ्यू का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर अपनी ही पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए अपने कपड़े फाड़ने और झूठी शिकायतें दर्ज करने की सलाह दे रहे हैं।
यह घटना इडुक्की निर्वाचन क्षेत्र में यूडीएफ उम्मीदवार रॉय के. पॉलोस की एक चुनावी सभा के दौरान की बताई जा रही है। अब ये वीडियो सी.पी. मैथ्यू के गले की फांस बन गया है।
वीडियो में मैथ्यू को यह कहते सुना जा सकता है कि यदि राजनीतिक संघर्ष की स्थिति पैदा हो, तो महिला कार्यकर्ताओं को स्वयं अपना ब्लाउज फाड़ लेना चाहिए ताकि विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले कानूनी रूप से अधिक मजबूत हो सकें।
मैथ्यू ने कथित तौर पर एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया जहां उन्होंने एक महिला उप-प्रधान को आंदोलन के दौरान ऐसा ही करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा, उन्होंने कानूनी प्रावधानों के दुरुपयोग की बात करते हुए कहा कि यदि महिला अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय से हो, तो संबंधित कानूनी धाराओं का उपयोग कर मामलों को और भी गंभीर बनाया जा सकता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब मैथ्यू ये विवादित टिप्पणियां कर रहे थे, तब मंच पर केरल कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेसन जोसेफ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे और वे इन बातों को सुनकर मुस्कुराते नजर आए। सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) (CPI-M) ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे चुनाव के दौरान हिंसा भड़काने और कानून के दुरुपयोग की सोची-समझी रणनीति बताया है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस अपनी हार के डर से विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रही है ताकि चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
मतदान से ऐन पहले इस विवाद ने कांग्रेस नेतृत्व को मुश्किल में डाल दिया है, हालांकि रिपोर्ट के अनुसार अब तक पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह पहली बार नहीं है जब मैथ्यू विवादों में रहे हों; हाल ही में उन पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा था। अब इस नए वीडियो ने न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि बल्कि आगामी चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की संभावनाओं पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।