Humayun Kabir Petition: तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने टीएमसी द्वारा जारी किए गए अपने वीडियो क्लिप की जांच की मांग की है। उन्होंने हाल ही में अपना अलग राजनीतिक दल बनाया है और विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
वीडियो क्लिप में कबीर को एक अज्ञात व्यक्ति से बातचीत करते हुए दिखाया और सुना गया, जिसमें वह आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक वोटों को भाजपा के पक्ष में बांटने के लिए 1000 करोड़ रुपए की डील की बात कर रहे थे।
हुमायूं कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया बताते हुए आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर इसे चुनाव से पहले जारी किया है। कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच में दायर याचिका में कबीर ने मांग की है कि इस वीडियो को बनाने और प्रसारित करने वालों की पहचान कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
याचिका को स्वीकार कर लिया गया है और इसके 22 अप्रैल को सुनवाई के लिए आने की संभावना है। मीडिया से बातचीत में कबीर ने कहा कि हम इन सभी साजिशकर्ताओं को सबक सिखाएंगे और बताएंगे कि इस तरह की राजनीतिक साजिश के कानूनी परिणाम क्या होते हैं। हमारे वकीलों ने इस मामले में जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस वीडियो के बाद कबीर को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा है, क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कबीर और उनकी पार्टी के साथ पहले घोषित गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है।
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भाजपा ने भी तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका कबीर के साथ कोई गुप्त समझौता नहीं है। भाजपा ने दावा किया कि पार्टी ऐसे व्यक्ति के साथ कभी समझौता नहीं करेगी, जो मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनाने की बात करता है।