शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया) 
दिल्ली

शरद पवार ने जेड प्लस सिक्योरिटी की इन बातों को मानने से किया इनकार, केंद्र ने बढ़ाई थी सुरक्षा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की सुरक्षा के दायरे को हाल ही में बढ़ाकर जे-प्लस किया गया था। माना जा रहा है कि शरद पवार ने सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुझाए गए कुछ उपायों को मानने से इनकार कर दिया है।

आकाश मसने

नयी दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की सुरक्षा के दायरे को हाल ही में बढ़ाकर जे-प्लस किया गया था। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई सुरक्षा समीक्षा के बाद पवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जेड-प्लस सुरक्षा दी गई थी। माना जा रहा है कि शरद पवार ने सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुझाए गए कुछ उपायों को मानने से इनकार कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने यह कहा है कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि उनकी सुरक्षा क्यों बढ़ाई जा रही है? पता चला है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने घर के अंदर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने, राजधानी में आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन को बदलने और उनके वाहन के अंदर दो सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।

सुरक्षा उपायों के तहत शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास की चारदीवारी की ऊंचाई भी बढ़ाई जानी थी। पूर्व रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को यहां एक बैठक में सुरक्षा एजेंसियों (सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस) के प्रतिनिधियों को अपने सुझाव दिए। बैठक में दिल्ली अग्निशमन सेवा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद और केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल थे।

सूत्रों ने बताया कि मूल्यांकन में शरद पवार की सुरक्षा को मबजूत किए जाने की सिफारिश के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ से उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान करने को कहा। इस कार्य के लिए सीआरपीएफ के 55 सशस्त्र जवानों को नियुक्त किया गया है।

केंद्रीय एजेंसी ने की थी समीक्षा

बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्रीय एजेंसी ने शरद पवार की सुरक्षा की समीक्षा की थी। शरद पवार से उनकी दिनचर्या और कार्यस्थल जैसे विषयों पर बात की गई थी महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। अभी चुनावों की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन अक्टूबर-नवंबर में यहां चुनाव कराए जा सकते हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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