Pappu Yadav Delhi Press Conference: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार को उस समय चर्चा में आ गए, जब दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर कथित रूप से चप्पल फेंकी गई। घटना के बाद पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया कि उन पर चाकू से हमला करने की भी कोशिश की गई। इस कथित हमले के बाद आरोपियों में एक का बड़ा बयान सामने आया।
पप्पू यादव के घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामे में पकड़े गए आरोपियों में से एक, हैप्पी शर्मा ने बताया, "मैं बुलंदशहर से हूं। साधु-संतों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था और हम उन्हें सपोर्ट करने के लिए बुलंदशहर से आए थे। हमने खबरों में देखा था कि पप्पू यादव साधुओं के बारे में अपमानजनक बातें कहते हैं। वे हमारे पूजनीय देवी-देवताओं का अपमान करते हैं और हमारी आस्था का मजाक उड़ाते हैं, इसलिए हम साधुओं के समर्थन में खड़े होने के लिए आए थे। जब हम वहां पहुंचे, तो पता चला कि साधुओं को वहां से हटा दिया गया था।
हैप्पी शर्मा ने आगे बताया, "हमने सोचा कि अब क्या करें, इसलिए हमने सांसद पप्पू यादव से मिलने का फैसला किया और अंदर चले गए। हमारी सुरक्षा जांच हुई। हमारे पास कोई चीज नहीं थी, इसलिए हमें अंदर जाने दिया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी। हमने बस उनसे कहा, 'पप्पू यादव जी, आप एक सम्मानित जन-प्रतिनिधि हैं, लेकिन आप हमारे साधु-संतों का अपमान कर रहे हैं और उनके गेरुए वस्त्रों का मजाक उड़ा रहे हैं। आप सांसद अवधेश प्रताप के पैर भी छूते हैं। इसका क्या मतलब है? कृपया ऐसा करना बंद करें।'"
भीड़ के हमले पर उन्होंने बताया, "बस इतना कहने पर, उन्होंने और उनके समर्थकों ने हमें पीटना शुरू कर दिया। भीड़ ने हम पर बेरहमी से हमला किया। उन्होंने हमें बुरी तरह पीटा। मुझे 50-60 लोगों ने मारा। मैं तो बाहर निकल आया, लेकिन मेरा दोस्त नहीं निकल पाया। उसका नाम सुमित है। उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हमारे पास कोई चाकू या कोई अन्य हथियार नहीं था। हां, उन्होंने जब हम पर हमला किया, उसके बाद चप्पलें फेंकी गईं। अगर हमारे साधुओं का अपमान होता रहा, तो हम ऐसा करते रहेंगे।"
इस हमले को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि अगर वहां मौजूद लोग नहीं होते तो मेरी मौत निश्चित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को रातभर प्रताड़ित किया गया। पप्पू यादव ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार लड़ रहा है। वे सनातन के विचारों की रक्षा और मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग खुलेआम कह रहे हैं कि मुझे मार दो।
उन्होंने कहा कि मैं इतना जानता हूं कि कोई संत कभी किसी को नहीं मारता, न गाली देता है और न ही किसी को जिंदा जलाने की बात करता है। हम लोकतांत्रिक तरीके से संसद में अपनी बात रखते हैं। हम हमेशा मर्यादा का पालन करते हैं और कभी लक्ष्मण रेखा पार नहीं करते। हमारा विरोध भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होता है।